संगड़ाह में 724 बीघा सरकारी भूमि में से पार्क को 2 बीघा जमीन नही दे सकी सरकार

किंकरी देवी पार्क को चयनित जमीन खारिज करने के लिए प्रशासन को आड़े हाथों लिया

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न्यूजघाट टीम। संगड़ाह
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता पर्यावरण प्रेमी किंकरी देवी की स्मृति में संगड़ाह में प्रस्तावित भव्य पार्क के लिए कालिज भवन के समीप मंडोली नामक स्थान पर चयनित जमीन को खारिज किए जाने के लिए हरिजन लीग ने प्रशासन की कड़ी निंदा की। लीग के प्रदेश अध्यक्ष किशोरी लाल कौंडल तथा अन्य पदाधिकारियों ने गत 25 मई को एसडीएम संगड़ाह की अध्यक्षता वाली कमेटी द्वारा देखी गई सवा दो बीघा जमीन को देने से हाल ही में प्रशासन द्वारा इनकार किए जाने को राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता दलित महिला किंकरी देवी का अपमान बताया।

यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि, यदि संबंधित विभाग अथवा प्रशासन द्वारा तीन माह के भीतर यदि पार्क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो हरिजन लीग इस मुद्दे पर संगड़ाह में विरोध प्रदर्शन करेगी। अखिल भारतीय हरिजन लीग के पदाधिकारियों ने उक्त पार्क को लेकर 16 जुलाई 2016 को प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र तथा प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा पहली अगस्त 2016 को भेजे गए जवाबी पत्र की प्रति भी जारी की। 14, जून 2016 को पंचायत की 108 बीघा जमीन में से एक बीघा भूमि में किंकरी देवी पार्क निर्माण शुरू होने के महज दो दिन बाद इसे बंद करवाए जाने को लेकर पर मिली शिकायत के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा हिमाचल के मुख्य सचिव को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे। हरिजन लीग प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि, उक्त पार्क को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जाने से पूर्व एक बार फिर लीग द्वारा इस बारे प्रधानमंत्री को लिखा जाएगा।

संगड़ाह में 724 बीघा सरकारी भूमि में से पार्क को दो बीघा जमीन नही दे सकी सरकार
मरते दम तक खनन माफिया तथा पर्यावरण के दुश्मनों की छाती पर मूंग दलने वाली किंकरी देवी द्वारा द्वारा सिरमौर जिला की 71 अवैध व अवैतनिक चूना खदाने बंद करवाए जाने के बाद हालांकि उन्हें भारत ही नही बल्कि चीन में भी सम्मान मिला, मगर अपने गृह क्षेत्र में वह हमेशा सरकारी उपेक्षा का शिकार रही। 30, दिसंबर 2007 को किंकरी देवी पंचतत्व में विलीन होने के एक दशक बाद भी उनकी स्मृति में बनने वाले पार्क को सरकारी जमीन नहीं मिल सकी। विडंबना यह भी है, कि संगड़ाह में पंचायत की 108 बीघा भूमि में से जहां करीब आठ बीघा पर एक खनन व्यवसाई का अवैध कब्जा हो चुका है, वहीं राजस्व विभाग द्वारा अपनी 616 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे रोकने के लिए तार-बाड़ तक नहीं की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद गत वर्ष हालांकि किंकरी देवी के परिवार की 421 वर्ग मीटर भूमि पर तीन लाख की सांसद निधि से महज 4 बैंच वाला पार्क बना, मगर गत 26 अप्रैल को सांसद वीरेंद्र कश्यप द्वारा उक्त जमीन को खारिज किया गया। सांसद द्वारा स्थानीय प्रशासन को इसी दिन उक्त पार्क के लिए दो बीघा सरकारी जमीन उपलब्ध करवाए जाने के निर्देश दिए गए। गत 3 मई को उपायुक्त सिरमौर ललित जैन संगड़ाह में किंकरी देवी पार्क के लिए दस लाख की पहली किस्त मिलने संबंधी बयान भी जारी कर चुके हैं। 26 मई को पार्क के लिए जमीन का निरीक्षण कर चुके एसडीएम संगड़ाह ने कहा कि, उपायुक्त कार्यालय के नए निर्देशों के अनुसार अब पार्क किंकरी देवी के परिवार द्वारा दान की गई भूमि पर ही बनेगा। उन्होंने कहा की, पार्क निर्माण का एस्टीमेट बीडीओ संगड़ाह द्वारा भेजा जा चुका है।

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