दोस्ती की मिसाल: दोस्त को बचाते हुए देवभूमि का यह वीर सपूत खुद सो गया मौत की नींद

सुनील वर्मा। चंबा “कुछ भी नहीं रहता दुनिया में लोगों, रह जाती है दोस्ती जिंदगी का नाम दोस्ती, दोस्ती का नाम जिंदगी”  फिल्म खुदगर्ज के इस गीत की पंक्तियों को आईआरबी में तैनात जिला कांगड़ा के पालमपुर के बंगलू नगरी निवासी नवीन कुमार ने अपनी जान गंवाकर सार्थक साबित किया है। पैट्रोलिंग करते वक्त अपने सहयोगी दोस्त का पांव फिसलने से गिरता देख कर उसकी जान बचाने के लिए बर्फ में अपनी जान की परवाह न करते हुए नवीन कुमार ने छलांग लगा दी। दोस्त तो बच गया। मगर खुद…

Read More