योग को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेंः आचार्य देवव्रत

आचार्य देवव्रत

आचार्य देवव्रत ने कहा कि योग क्रियाएं प्रकृति से संबंधित हैं और प्रकृति से जुड़ा कोई भी प्राणी रोग ग्रस्त नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि प्रकृति से दूर रहकर मानव ने रोगों को स्वयं सहेजा है। उन्होंने लोगों से ‘प्राकृतिक आहार’ को अपनाने पर बल दिया।
योग प्रशिक्षक श्रीमती उर्मिल सिंह ने विभिन्नि आसन व योग मुद्राओं की जानकारी दी और प्रशिक्षण करवाया।
इस अवसर पर श्री जगत वर्मा ने भजन गायन किया।
रोटरी क्लब के अध्यक्ष महाशय कपिल सूद ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
राज्यपाल के सचिव श्री पुष्पेन्द्र राजपूत, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.डी.एन. बाजपेयी, रोटरी क्लब के पदाधिकारी एवं सदस्य, पत्रकार, राजभवन कर्मी तथा शहर के अन्य गणमान्य व्यक्यिों ने योग सत्र में भाग लिया।

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