यहां प्रसव के दौरान महिला को निकाला जाता है घर से बाहर, आंगन में गूंजती है किलकारियां

बीके शर्मा। कुल्लू देवभूमि कुल्लू में जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान नारी गरिमा सराहनीय कदम है। इस अभियान के तहत प्रशासन द्वारा मासिक धर्म के दौरान नारी को अछूत मानने की भ्रांतियों को खत्म करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया हुआ है। लेकिन अभी तक जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आधारित गांव मलाणा में महिलाओं के प्रति चली आ रही भ्रांतियों से अनभिज्ञ है। यहां प्रसव के दौरान महिला को घर से बाहर निकाला जाता है और आंगन में किलकारियां गुंजती है। लिहाजा मलाणा गांव में…

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सिरमौर में एक लाख पौधों से धरती मां का ‘श्रृंगार’ कर चुका है 90 साल का ये ‘लाल’ (Pics)

न्यूजघाट टीम। नाहन सिरमौर जिला में जहां एक ओर आरक्षित वनों से लगातार पेड़ कट रहे है। वहीं जिला में 90 वर्षीय एक शख्स ऐसे भी है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन पर्यावरण संरक्षण में लगा दिया। क्षेत्र की बंजर भूमि पर पौधे रोप कर जंगल तैयार कर चुके मीन सिंह पौधे की भी बच्चों की तरह लगातार देख रेख करते है। नौहराधार तहसील की देवना पंचायत के फागनी निवासी मीन सिंह पिछले आठ दशको से अब तक क्षेत्र में एक लाख से अधिक पौधे रोपित कर चुके है। इसमें देवदार,…

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हिमाचल के इस गांव को है अटल जी का इंतजार, यहां है उनका दूसरा घर, देखें तस्वीरें

बीके शर्मा। मनाली। कुल्लू भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष एवं पार्टी के प्रेरणास्रोत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पर्यटन नगरी मनाली के प्रीणी के प्रति लगाव हर कोई जानता है। मनाली के निकटवर्ती गांव प्रीणी में अपना आशियाना बनाने के बाद वाजपेयी कुल्लू जिला को अपना दूसरा घर भी मानते हैं। उनके जन्मदिवस पर यहां के बाशिंदे हर वर्ष कुछ न कुछ कार्यक्रम करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी का हिमाचल विशेषकर कुल्लू के प्रति अपार स्नेह जगजाहिर है। अपने प्रधानमंत्रित्वकाल के दौरान वह कई बार छुट्टियां बिताने प्रीणी…

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हिमाचल में यहां अर्जुन को मिला था ब्रह्मास्त्र, जीर्णोद्धार की राह ताक रही अर्जुन गुफा

बीके शर्मा। कुल्लू तप प्राप्ति के लिए देवभूमि कुल्लू में जहां देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों आदि ने तपस्या की है, वहीं प्राचीन समय में पांडवों ने भी दर-दर भटकते हुए देवभूमि कुल्लू के कई स्थानों में तपस्या करने के लिए स्थान चुना। ऐसी ही एक तपोस्थली ऊझी घाटी स्थित मनाली के जगतसुख से सटे शुरू गांव के समीप स्थित अर्जुन गुफा अपनी विशेष महत्व रखती है। करीब 30 मीटर में फैली प्राकृतिक गुफा ऐसे अज्ञात स्थान पर है जो हर किसी व्यक्ति को ढूंढने से नहीं मिलती है। मान्यता है कि जब…

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मलाणा में देवताओं की मंजूरी मिलने पर ही होते हैं यहां काम, देव स्थान को छूने पर मिलती है ‘सजा’

बीके शर्मा। कुल्लू पूरी दुनिया मे अपने लोकतंत्र के लिए मशहूर गांव मलाणा में अब देवता के आदेश को ना मानने वाले लोगो को जुर्माना भी दुगुना देना होगा। ज़िला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में सिथत मलाणा गांव में देवता जमदग्नि के एक विशेष स्थान पर जाने या छूने पर वसूला जाने वाला जुर्माना देवता प्रबंधकों ने बढ़ा दिया है। कभी नियमों को तोड़ने पर वसूला जाने वाला एक हजार जुर्माना पहले से बढ़ाकर 2500 कर दिया गया था। तो अब इसमें भी इजाफा कर 3500 इसे किया गया है।…

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आखिर आ गई मां-बेटे के मिलन की वो घड़ी, जिसका पूरे साल रहता है बेसब्री से इंतजार

न्यूजघाट टीम। श्री रेणुका जी मां पुत्र के पावन मिलन का श्री रेणुकाजी मेला हिमाचल प्रदेश के प्राचीन मेलांे में से एक है, जो हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी से पूर्णिमा तक उतरी भारत के प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्रीरेणुका में मनाया जाता है। जनश्रुति के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम जामूकोटी से वर्ष में एक बार अपनी मां रेणुका से मिलने आते है। यह मेला श्रीरेणुका मां के वात्सल्य एवं पुत्र की श्रद्धा का एक अनूठा संगम है जोकि असंख्य लोगों की अटूट श्रद्धा एवं आस्था का…

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Watch Video : ये है “हिमाचल का खतरों का खिलाड़ी” और एक ऐसा “सपेरा” जिसे सांपों से बेइंतहा प्यार

बीके शर्मा। कुल्लू अमूमन सांप को देखकर उससे भयभीत होना और उस पर डंडे और पत्थरों से वार करना इंसान की आदत सी बन गई है। इसी से कई मर्तबा सांप डरकर इंसानी कौम पर हमला भी कर देता है। लेकिन कुल्लू में एक श्ख्स ऐसा भी है, जो सांपों को पकड़कर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक ले जाता है। इससे सांपों की कई प्रजाति महफूज भी रही है। अब तक भुंतर के खोखन से संबंध रखने वाला सोनू ठाकुर 328 सांपों को पकड़ चुका है। इनमें से कई तो जहरीले…

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Pics : दिल को चीर देती है इस मां की दर्दनाक मजदूरी, ”बेड़ियों” से बांधना पड़ता है ”जिंगर का टुकड़ा”

अशोक बहुता। पांवटा साहिब जिसे 9 महीने कोख में रख कर जन्म दिया, उसी जिगर के टुकड़े को यदि बेड़ियों में बांधकर रखना पड़े, तो उस मां पर क्या बीतती होगी, इसका अंदाजा लगा पाना नामामुकिन है। जीं हां हम आपको एक मां की ऐसी ही दर्दनाक मजबूरी से रूबरू करवा रहे हैं। जब इस मां को अपने 11 साल के मासूम बेटे एवं जिगर के टुकड़े को बेड़ियों से बांधना पड़ता है, तो इस मां की यह दर्दनाक मजदूरी दिल को चीर कर रख देती है। मामला सिरमौर जिला…

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ये 20 साल की बेटी पर्यटन नगरी मनाली का ताज, जानोगे तो आप भी करोगे नाज

बीके शर्मा। रेणुका गोस्वामी। कुल्लू। मनाली परिवार पर बढ़ता आर्थिक बोझ और उस पर माँ, 1 भाई, 1 बहन की भी जिम्मेवारी। समाज मे सभी को सम्मान दिलाने की चाह ने आखिर उस मासूम को ऐसी राह पर चलने को मजबूर हो गया। शायद ही समाज के लोगो ने इस राह के बारे में सोचा होगा। लेकिन परिवार को सम्मान दिलाने के लिए उस मासूम ने उस रास्ते को चुना जो बदस्तूर आज भी प्रदेश सहित बाहरी राज्यो की सड़कों पर दिन रात दौड़ रही है। ये कहानी है ज़िला…

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Success Story : फैशन से शुरू किया कारोबार, निशा बतरा की दूसरी पारी ने महिलाओं को किया दीवाना

अंजलि त्यागी। नाहन कुछ कर गुजरने की चाहत ने नाहन के छोटे से मोहल्ले की रहने वाली निशा बतरा की नई सोच नाहन में खूबसूरत महिलाओं के लिए संजीवनी साबित हो रही है। एक सुखी व संपन्न परिवार से होने के कारण वह चाहती तो आरामपरस्त जिंदगी जी सकती थी। घर पति और बच्चों की जिमेदारी निभाने के बाद निशा को कुछ कर गुजरने की चाहत सदैव प्रेरित करती रहती थी। अमूमन जब बच्चे बडे हो जाते है तो महिलाएं स्वयं के लिए समय निकालना पसंद करती है, लेकिन निशा…

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सफलता की कहानी : घर-आंगन से शुरु किया कारोबार, देशभर में ई-फैशिनी के परिधानों ने मचाया धमाल

न्यूजघाट टीम। पांवटा साहिब कुछ कर गुजरने की चाहत ने हिमाचल के छोटे कस्बे पांवटा साहिब की रहने वाली नेहा खंडूजा की सोच को नई उड़ान दी। एक सुखी व सम्पन्न परिवार से होने के कारण वे चाहतीं तो आरामपरस्त जिंदगी जी सकती थी। लेकिन उन्होंने समाज के लिए कुछ करने की भावना से फैशन एवं परिधान को अपना व्यवसाय के रूप में चुना। नेहा को शुरू से ही फ़ैशन में विशेष रुचि रही। उन्हें घर में खाली समय खलता रहता। खाली समय गुज़ारने के साथ मध्य वर्गीय समाज के…

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सफलता की कहानी : नाहन की इस गली से निकलता है कारोबार का सफल रास्ता

न्यूजघाट टीम। नाहन कहते है सफलता उन्हीं के कदम चूमती है, जिनमें ईमानदारी के साथ कड़ी मेहनत व कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो मंजिलें खुद-ब-खुद उनके कदम चूमती है। ये लाइनें नाहन के युवा व्यवसायी प्रदीप बतरा पर पूरी तरह से स्टीक बैठती है। यही कारण है कि आज प्रदीप बतरा न केवल शहर के नामी व्यवसाय बनकर उभरे हैं, बल्कि युवाओं के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बनकर उभरे हैं। युवा व्यवसायी प्रदीप बतरा ने एक मूलमंत्र बनाकर व्यवसाय को आगे बढ़ाया, तो सफलता ने भी खुद-ब-खुद हाथ लगती…

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साढ़े 6 माह से टीबी के इलाज को भटक रही युवती, डॉट सैन्टर ने बिना जांच बंद की दवा, हालत बिगड़ी

न्यूज़घाट टीम पांवटा साहिब । सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में साढ़े 6 माह से एक 20 वर्षीय  युवती टीबी के सही इलाज के लिए भटक रही है लेकिन उसे इलाज नहीं मिल पा रहा है । टीबी रोग से पीड़ित पांवटा-नाहन के चक्कर काट रही है । वैसे तो राष्ट्रीय हैल्थ मिशन के तहत टीबी को जड़ से खत्म करने को लेकर लगातार प्रयास किये जा रहे है । इतना ही नहीं करोड़ों रूपये विज्ञापन पर खर्च किए जा रहे है । लेकिन डॉट सैन्टर केवल 6 माह तक दवा खिला…

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Video : CM साहब! इंसान चांद तक पहुंच गया, पर आपके राज में आज भी यहां कंधों पर चलती है एंबुलेंस

संजय कंवर। पांवटा साहिब एक ओर जहां इंसान चांद पर पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में ऐसे गांव भी हैं, जो विकास की लो से कोसो दूर है। हालात यह है कि बीमार लोगों के लिए यहां एंबुलेंस नहीं पहुंचती, बल्कि डंडों में बांध मरीज को कंधों पर उठाकर मीलों पैदल चलना पड़ता है या फिर सीधे शब्दों में कहे कि वीरभद्र के राज में यहां कंधों पर चलती है एंबुलेंस। कुछ इसी का दर्द शिलाई विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली कोड़गा पंचायत…

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Watch Pics : नाविका सागर परिक्रमा के लिए निकली कुल्लू की यह बेटी, PM मोदी ने किया रवाना

बालकृष्ण वर्मा। कुल्लू भारतीय नौसेना की छह महिला अधिकारियों ने दुनिया की अपनी यात्रा ‘नाविका सागर परिक्रमा’ को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवाना किया है। इस टीम में हिमाचल के जिला कुल्लू की बेटी भी शामिल है। ज़िला कुल्लू के मौहल की रहने वाली प्रतिभा जम्वाल सहित अन्य महिला अधिकारियों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उन्हें इस यात्रा के बारे में जानकारी दी। पोत आईएनएसवी तरिणी पर सवार इन छह अधिकारियों की यात्रा पर पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें शुभकामनाएं दी। वही,पीएम मोदी ने अपने ट्विटर पर…

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देवभूमि में यहां नदी में नहीं किया जाता भगवान गणेश का विसर्जन, पढ़िए रोचक है खबर

बीके शर्मा। कुल्लू।मंडी गणेश चतुर्थी को हर घर में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करने की परंपरा है तथा ठीक 11 दिनों के बाद मूर्ति का जल में विसर्जन किया जाता है। इस आशा के साथ कि गणपति भगवान अगले साल भी इसी तरह से उनके घरों में आएं तथा साथ में खुशहाली भी लाएं। ग्यारह दिनों तक गणेश भगवान के समक्ष घर का हरेक सदस्य पूजा अर्चना करता है व कथा पाठ आदि होता है। वहीं हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के ज्वालापूर इलाके में एक ऐसा भी गांव…

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Pics : मिलिए 10 साल की ‘स्पाइडर गर्ल’ से, पलक झपकते ही चढ़ जाती है 3 मंजिला इमारत पर

न्यूजघाट टीम। हमीरपुर आपने फिल्मों में स्पाइडर मेन को तो देखा ही होगा, किस तरह से वह दीवारों पर चढ़ जाता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि असल जिंदगी में कोई ऐसा कर सकता है। जी हां! ऐसी ही एक 10 साल की बच्ची है जो स्पाइडर मैन से कम काबिलियत नहीं रखती है। वह दीवारों पर चंद सेकेंड्स में चढ़ जाती है। इस बच्ची के इस करतब को देखकर हर कोई हैरान है। हम बात कर रहे हैं हमीरपुर जिला के रोपा ठाठा गांव की। आपने फिल्मों…

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ये है देश के हीरो, भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान को चटाई थी धूल, पढ़िए इनकी बहादुरी के किस्से

वीएस पाठक। शिमला नेवी से सेवानिवृत टेटे अधिकारी कहते हैं कि जब भी भारत का कोई भी सैनिक शहीद होता है, तो उनका खून खोल जाता है। मंडी के छोटे से गांव केरन में जन्मे रामशरण आज युवाओं को लिए आदर्श पुरूष की तरह है। वह सेना के ऐसे सैनिक रहे, जो युद्ध का नाम सुनकर खुश होते थे। उनका कहना था कि लोगों की रक्षा का काम एक पुनीत काम है और शौर्य के गुण आपको विरासत में मिलते हैं। यह शौर्य ही है, जो किसी भी देश के…

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देवभूमि में एक ऐसा मंदिर, जहां जहरीले से जहरीले सांप का भी उतर जाता है जहर

बिभू शर्मा। कांगड़ा जिला कांगड़ा के नूरपूर के पास प्रसिद्ध नागनी मां के दरबार में पूरे भारत में नाग पूजा का सम्बंध मानव की आस्था से है। वास्तव में नाग जाति की उत्पत्ति पश्चिमी हिमालय है, चाहे जम्मू-कश्मीर हो, कुल्लू-मनाली का गोशाल गांव हो, उत्तराखंड या अन्यत्र कहीं भी यह परम्परा पश्चिमी हिमालय में नाग पूजा हैं, इसलिए विषय वस्तु की सीमा के अन्तर्गत कांगड़ा का नूरपुर क्षेत्र ‘ नागणी माता ‘ के नाम से जाना जाता है। सावन माह में यहां जिला स्तरीय नागनी माता का मेला मनाया जाता है,…

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हिमाचल सरकार दे ध्यान, तो बदल सकती है टेढ़ा मंदिर-शहनशाह अकबर की नहर की तकदीर

बिभू शर्मा। कांगड़ा शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर के कालीधार पर्वतों पर स्थित रघुनाथेश्वर टेढ़ा मंदिर आज लाखों भक्तों की आस्था का प्रतीक है। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम चंद्र, माता सीता सहित यहां पर गुफा में कुछ समय के लिए रुके थे। और इसी मंदिर में पांडवों ने भी अपने वनवास का कुछ समय व्यतीत यहाँ किया था। यहां पर करोड़ों रुपए की भगवान श्रीराम चंद्र, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान व अन्य कई अष्टधातु की प्राचीन व दुर्लभ मूर्तियां थीं, जो बार बार चोरी हो जाने के बाद जिला कोषागार…

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Good News : आम गृहणी पूनम बनी उद्यमिता की मिसाल, सालना एक करोड़ से अधिक की आय

बीके शर्मा। कुल्लू आम गृहिणी की रसोई से निकला एक छोटा-सा आइडिया भी बहुत बड़ा कमाल कर सकता है। रसोई में अपने अनुभव व उम्दा पाक-कला के दम पर आम गृहिणी छोटे-छोटे उत्पाद तैयार करके उन्हें बाजार में उतारकर अच्छी आय अर्जित कर सकती है। कुछ इसी तरह के सपने के साथ एक छोटी सी शुरुआत करने वाली भुंतर की गृहिणी पूनम घई ने उद्यमशीलता की एक मिसाल कायम की है। उनके हाथों से बने मसालों के अद्भुत मिश्रण और रेडिमेड तड़के की महक अब सात समंदर पार के देशों…

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जर-जर स्कूल भवन में कैसे करें पढ़ाई, माशू स्कूल के गिरते भवन में रंगरोगन कर चल रहा काम

न्यूज घाट टीम पांवटा साहिब | गिरीपार में शिक्षा का स्तर किस हद तक गिर रहा है इसका उदाहरण है माशू प्राइमरी स्कूल जहां बच्चे भवन की जर-जर हालत के चलते कमरों में नही बल्कि बरामदे में बैठकर पढाई कर रहे है । जहां कभी भी एक हादसा मासूमो की जान आफत में डाल सकता है । प्रदेश को बेहतर शिक्षा सेवाओं के लिए कई बार अवार्ड मिला है लेकिन अवार्ड देने से पहले दुर्गम क्षेत्र माशू की स्थिति पर भी नजर दौड़ानी चाहिए । यहां प्राइमरी स्कूल का भवन पिछले…

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न पुलिस का आसरा ताका, न समाज का, अपने बूते पर ही परिवार से मिलवा दिया लापता बुजुर्ग

अशोक बहुता। पांवटा साहिब न पुलिस का आसरा ताका, न समाज का, अपने बूते पर ही एक युवक ने एक बिछड़े बुजुर्ग को उसके परिवार से मिलवाया दिया। यह युवक इस बुजुर्ग व उसके परिवार के लिए किसी मसीहा से कम बनकर नहीं आया। गुरू की नगरी पांवटा साहिब के एक युवक ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर शख्स सराहना कर रहा है। इस युवा ने राजस्थान से 6 साल से लापता 70 वर्षीय बुजुर्ग को उसके भरे पूरे परिवार तक पहुंचाने का सराहनीय काम किया…

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हिमाचल में एक ऐसा कुआं, जो रहता है 9 महीने जलमग्न, वरदान या अभिशाप

बिभू शर्मा। कांगड़ा एक ऐसा कुआं जो नौ महीने तक रहा जलमग्न,पर अब आया है झील से बाहर, जिसका पानी पीने को मजबूर हैं,गुज्जर समुदाय के ये लोग।आखिर क्यों जलमग्न रहता है ये कुआं,आइये जाने सच क्या है। जिला कांगड़ा में स्थित पौंग झील में नौ महीने जलमग्न रहने के बाद पानी से बाहर निकला नगरोटा सूरियां के गांव ब्लोहड़ के पास का कुआं गुज्जरों के लिए बरदान भी है और अभिशाप भी। अभिशाप इसलिए क्योंकि कुएं का पानी इतने महीनों तक जलमग्न रहने के कारण संक्रमणकारी हो सकता है,…

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इंसानों के लिए मिसाल : यहां हर रोज शिव मंदिर में माथा टेकने आता है यह ”शिवभक्त” कुत्ता

न्यूजघाट टीम। कांगड़ा आपने फिल्मो में तो इंसान और कुत्ते के प्रेम की फिल्में देखी होंगी और कई फिल्मों में कुत्तों को भगवान की पूजा करते हुए भी देखा होगा,और फ़िल्म में आपने कुत्ते को अपने मालिक का बदला लेते हुए भी देखा होगा। पर आज हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसा कुत्ता जो कि फ़िल्म में नही बल्कि हकीकत में भगवान के दर रोज माथा टेकता है। हर कोई इस कुत्ते की इस मिसाल का कायल हो रहा है। पठानकोट के सिंबल चौक के पास स्थापित भगवान…

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कुल्लू : मिलिए एक ऐसे ‘गुरू’ जी से, जिन्होंने 13 साल गुफा में संवारा नौनिहालों का भविष्य

बीके शर्मा। कुल्लू तीन-चार किलोमीटर का उबड़-खाबड़ व संकरे रास्ते से आने बाले बच्चों के ठंड के दिनों में गर्म पानी से पांव धोना, खाना खिलाना तथा उसके पश्चात कक्षा का पाठ्यक्रम पढ़ाना शिक्षक हरिदत्त शर्मा के लिए रोज़मर्रा का कार्य बन गया था । यह सब किसी प्राचीन गुरुकुल में नहीं बल्कि 21वीं सदी होता आया है । जी हां यह वाक्य बंजार उपमंडल की अति दुर्गम पंचायत गड़ापारली के शाकटी गांव का है । 13 नवंबर, 1988 को प्रदेश सरकार ने सैंज घाटी के सबसे सुदूर गांवों शाकटी-मरौड़…

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Exclusive : पहाड़ों से निकल सिरमौरी बेटा न्यूजीलैंड को सिखाएगा मेजबानी का हुनर

अंजलि त्यागी। नाहन स्कूल के समीप पहाड़ों को देखकर ऊंची आसमानी उड़ान नितेश को इस कदर प्रेरित करती थी कि उसने कम उम्र में ही अपने लिए विदेश की लगजरी नौकरी का सपना बुन लिया। इसमें न केवल उसने अपने सपने को सार्थक करने के लिए कड़ी मेहनत की, अपितु खुद को विदेशी दुनियां में ढालने के लिए विदेशी भाषा का ज्ञान भी अर्जित किया। सिरमौर के गांव सेरतदुंला तहसील संगड़ाह के किसान ओमराज ठाकुर ने कभी नहीं सोचा था कि उसका बेटा नितेश ठाकुर एक दिन होटल मेनेजमेंट कर…

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यहां लगती है देवताओं की अदालत, इनके फैसले को मानते हैं सभी देवी-देवता, पढ़े रोचक है इतिहास

बालकृष्ण शर्मा। कुल्लू ज़िला कुल्लू की उझी घाटी में आज भी एक  ऐसा स्थान है जहाँ इंसानो के साथ साथ देवी देवताओं के मामलों का भी निपटारा किया जाता है। इस स्थान पर अगर कोई फैसला लिया गया तो वो सभी देवी देवताओं को मान्य होता है। वही, जब जब भी घाटी में कोई बड़ी आपदा के सम्भावना होती है तो सभी देवी देवता आपस मे मिलकर जगती का भी आयोजन करते है। यह पवित्र स्थान है नग्गर का जगती पट्ट। इस जगती पट्ट में आज भी देवी देवताओं के…

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देवभूमि में यहां पानी के बोतल से कैंसर सहित दर्जनों बीमारियों का ईलाज, जानिये कैसे?

न्यूजघाट टीम। ऊना हर वीरवार को एचआरटीसी वर्कशॉप ऊना में रोजाना कैंसर सहित दर्जनों बीमारियों की इलाज किया जाता है। हैरत कि बात यह है कि इलाज करने वाले कोई चिकित्सक नहीं, बल्कि परिवहन निगम में तैनात हैड मकैनिंग है। मकैनिक किसी दवाई के जरिए नहीं, बलिक मरीज के पेट पर पानी की बोतल रख व अपने झाडफूंक के माध्यम से इलाज करता है। ऐसे में सरकारी सेवाएं देने वाले हैड मकैनिक को तांत्रिक कहना कोई अतिशियोक्ति नहीं होगी। जादुई विद्या से मकैनिंग द्वारा किए जा रहे इलाज के चलते…

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Exclusive : ऐसी औलाद पर किसे न हो फख्र, इस बेटे ने विश्व में बढ़ाया हिमाचल का मान

अंजना शुक्ला। बिलासपुर ऐसी औलाद पर किसे फक्र नहीं होगा, जिसने किशोरावस्था में ही घर में उपलब्धियों का अंबार लगाकर न सिर्फ परिवार, खानदान बल्कि जिला, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया हो। बिलासपुर नगर के अप्पर निहाल के मनन सांख्यान का नाम अब गोल्डन बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में भी दर्ज हो गया है। किताब के कवर पेज पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा व अन्य अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों के साथ बिलासपुर के बालक मनन का फोटो देख किस का सीना गर्व से चौड़ा न होगा। 17 साल…

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देवभूमि में आज ही के दिन 112 साल पहले ऐसी मची थी तबाही, सोच कांप उठती है रूह

अभी चौधरी। फतेहपुर (कांगड़ा) हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में आज से ठीक 112 साल पहले एक ऐसा भूकंप आया था, जिसके नुकसान को सुनकर आज भी यहां के लोग कांप उठते है। महज चंद सेकेंड की कंपन ने ही इस क्षेत्र के करीब 20 हजार लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। कई ऐतिहासिक भवनों का नामोनिशान मिट गया था। मौत के सन्नाटे व अनहोनी की आशंका के अलावा यहां कुछ नहीं बचा था। जहां बेहतर भविष्ट की उम्मीदंे जगमगाती थी, वहां उदासी में लिपटी तबाही ही तबाही…

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चाइनिज को भी भा रहा देवभूमि का योग गुरू, हिमाचली बेटे ने चीन में मचाया धमाल

न्यूजघाट टीम। चंबा  रवि भारद्वाज एक ऐसा नाम है, जो आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। जिला चंबा के चब गांव का ये नोजवान आज अपने बलबूते पर चीन के लोगो में भारतीय संस्कृति योग की एक अमीट छाप छोड़ रहा है। भारतीय संस्कृति और योग के प्रचार में लगा रवि आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। जिंदगी का सफर रवि के यहां तक पहुंचने का सफर कोई आसान नहीं रहा। कई उतार चढ़ाव पार कर के आज चीन में अपना नाम कमा रहा है। अगर बात…

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देवभूमि की इस बेटी ने किया कमाल, महज 20 साल की उम्र में विश्व की 7 चोटियों पर की फतेह

बिभू शर्मा। कांगड़ा देवभूमि हिमाचल की बेटियों ने बड़े बड़े कारनामे करने में सबको मात दे दी है, अब ऐसा ही एक विश्व स्तरीय कारनामा हिमाचल के जिला कांगड़ा की बेटी ने कर दिखाया है। इस बेटी का नाम है आकृति हीर। आकृति भारत की पहली ऐसी बेटी हैं, जिन्होंने 20 साल की उम्र में यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रस को फतह किया है। कांगड़ा जिले के सुलियाली गांव की रहने वालीं आकृति ने 2012 में उत्तराखंड के नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ माउंटेनीअरिंग से पर्वारोहण की ट्रेनिंग ली। उस…

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ये है देवभूमि का वंडर किड आर्यमन, 13 साल की उम्र में लिख डाला 300 पन्नो का नॉवेल

बिभू शर्मा। धर्मशाला अक्सर कुछ बाते ऐसी होती हैं जो शायद हमारी कल्पना से भी परे होती हैं। उन बातों पर विश्बास करना हर किसी के लिए अचरज भरा होता है। कहते हैं कि प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती। जिस उम्र में बच्चे अक्सर पढाई और खेलकूद का शौक रखते हैं या टीवी पर अपने पंसंदीदा कार्यक्रम देखने में मशगूल होते हैं, उन्ही बच्चों की श्रेणी में आता है एक वंडर बॉय, या कह सकते हैं चमत्कारी विलक्षण बुद्धि से भरा ये किशोर जिसने अपनी बुद्धिमता से परे…

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Exclusive : एक गुरू जी ऐसे, सुविधाएं है नहीं, पर राष्ट्रीय स्तर के लिए तराशे 100 हीरे

अशोक बहुता। पांवटा साहिब देवभूमि हिमाचल से एक मात्र पांवटा साहिब उपमंडल के नघेता स्कूल से 100 खिलाड़ी अब तक हाॅकी, बास्केटबाल सहित लोक नृत्य में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। यही नहीं कई मर्तबा स्कूल ने हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। ये आंकड़े तो राष्ट्रीय स्तर के है। बात अगर राज्य स्तरीय की प्रतियोगिताओं की करें, तो यह आंकड़ा तिगुने के करीब पहुंचता है। इस विद्यालय से 270 खिलाड़ी अब तक राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनीं प्रतिभा…

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देवभूमि में एक ऐसी नदी, जिसे यूनानियों ने माना अपशुगनी, मुगलों ने नाम दिया चीन का पानी

बालकृष्ण शर्मा। कुल्लू हिमाचल प्रदेश के आंचल में एक ऐसी नदी का अस्तित्व जिसे यूनान के लोगों ने अपशुगनी करार दिया था। वहीं, भारत में जब मुगल आए तो उन्होंने इस नदी को चीन के पानी के नाम से नवाजा। बौद्ध धर्म के दर्शन में नदी के पानी को स्वर्ग के पानी की संज्ञा दी गई और महान बौद्ध धर्म गुरू गुरू घंटाल ने भी इसी नदी के संगम स्थल पर कई सिद्धियों का ज्ञान हासिल किया। वहीं, हिंदु धर्मके महान ऋषि लोमश ऋषि ने भी यहां तपस्या की थी।…

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Watch Pics : इस बुजुर्ग ने समझी पति-पत्नी के रिश्ते की अहमियत, निसंतान होने का भी गम नहीं

बिभू शर्मा। कांगड़ा एक तरफ जहां आज के समाज में रिश्तों की अहमियत काम होती जा रही है, और औलाद के लिये जहाँ बेटियों को कोसा जाता है, बही एक बजुर्ग एक ऐसी मिसाल पेश कर रहे हैं जिन्होंने निसंतान होने का गम भी नहीं किया और अपनी बेगम से बेइंतहा महोब्बत भी की और कभी दूसरा निकाह भी नहीं किया, पर 90 की उम्र में आँखों से लाचार इस बजुर्ग की दास्तां आज भी सभ्य समाज के लिए एक सबाल खड़ा करती है।       हिमाचल की इंदौरा…

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मिलिए हिमाचली “रांझा” से, इस मेले की बढ़ाएगा शान, पढ़िए क्या है इसकी खासियत?

न्यूजघाट टीम। बिलासपुर राज्य स्तरीय नलवाड़ मेले हिमाचल में चर्चित हिमाचली रांझा प्रदर्शित किए जाएंगे। चौकिए मत रांझा किसी इंसान का नहीं, बल्कि भैंसे का नाम है। यह भैंसा राज्य स्तरीय नलवाड़ मेले में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए डीसी बिलासपुर व पशुपालन विभाग ने रांझा के मालिक निक्का राम को नलवाड़ मेेले में बुलाने के लिए लिखित आग्रह को मंजूरी दे दी है।      यहां यह बताना जरूरी है कि कुछ महीने पहले एक खुली बोली में इस भैंसे की 1.37 करोड़ तक बोली लग चुकी है। जबकि…

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देवभूमि की सबसे कम उम्र की पंचायत प्रधान, गुजरात में करने जा रही ये काम

नितेश सैनी। मंडी मंडी जिला की सबसे कम उम्र की पंचायत प्रधान जबना चौहान अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में स्वच्छता व शराबबंदी का पाठ पढ़ाएगी। जिला के सराज हलके की थरजूण पंचायत की युवा प्रधान जबना चैहान स्वच्छता व शराबबंदी पर प्रदेश में मिसाल पैदा करने के उपरांत अब देश को जागरूक करेगी।गरीब परिवार में पैदा हुई जबना चौहान ने मात्र एक साल की समय अवधि में पंचायत में शराबबंदी की पहल कर वह काम करके दिखाया है जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की…

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देवभूमि की यह महिला अपने बालों को लेकर चर्चा में, कद से भी लंबे हैं इनके बाल

न्यूजघाट टीम। हरिपुरधार (सिरमौर) देवभूमि की एक 23 वर्षीय महिला इन दिनों अपने बालों को लेकर काफी चर्चा में है। यकीन मानिये इस महिला के बाल उसके कद से भी लंबे है। इस महिला का ताल्लुक शिमला-सिरमौर के साथ लगती कुपवी तहसील के कुलग गांव से है। 23 वर्षीय सुनील कुमारी इन दिनों अपने लंबे, काले व घने बालों को लेकर चर्चा में है। सुनील कुमारी का कद 5 फुट है। मगर उसके बाल उसके कद से भी लंबे हैं। उसके केश 5 फुट 1 इंच लंबे हैं।      …

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देवभूमि में हिमालय की गोद में बसा एक ऐसा कस्बा, जहां बेटियों के पैदा होने पर……

बीके शर्मा। कुल्लू एक तरफ हमारे देश में जहां बेटियों के प्रति घृणित सोच का बोलबाला बढ़ता जा रहा है और बेटियों को संसार में आने से पहले ही कोख में मारा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर हिमालय की गोद में एक ऐसा क्षेत्र भी बसा हुआ है, जहां बेटियों के पैदा होने पर पूजा-अर्चना ही नहीं, बल्कि उत्सव भी मनाया जाता है। पश्चिमी हिमालय की गोद में बसे शीतमरूस्थल जिला लाहुल-स्पीति के प्यूकर क्षेत्र में सदियों से बेटियों के जन्म को शाप नहीं समझा जाता है, बल्कि पैदा…

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Pics : मौत का साया भी न तोड़ पाया इस 82 वर्षीय वृद्ध महिला का अटूट इरादा, पढ़िए कैसे?

बीके शर्मा। कुल्लू सोचिए यदि आपको सुनसान जंगल और जंगली जानवरों के बीच अकेले ही रहना पड़े, तो इसका आप अंदाजा लगा सकते हैं। मगर देवभूमि में यहां एक 82 वर्षीय महिला खुंखार जानवरों व जंगल के बीच एक जिद्द के कारण रह रही है। इस पहाड़ी इलाके के गांव बर्फ से ढके हैं। चारों ओर जंगली जानवरों की चहल-कदमी है। बावजूद यह महिला बुलंद हौंसले के लिए रह रही है। जबकि गांव के सारे लोग गांव छोड़कर चले गए है। बावजूद इसके आए दिन यह महिला मौत का मात…

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अमर प्रेम कहानी : यहां पति के करीब दफन होने के लिए किया 38 साल का इंतजार

विशाल कश्यप। नाहन फरवरी महीने का दूसरा सप्ताह यानी प्रेमी युगलों का त्योहार। आज के प्रेमी युगलों की बात ही निराली है। जन्मों-जन्मों के वायदे तो जरूर करते हैं। मगर कुछ ही समय में ब्रेकअप भी हो जाते हैं। प्रेमियों के इसी सप्ताह में आज हम आपको एक ऐसी अमर प्रेमी कहानी से रूबरू करवाने जा रहा है, जिसे बेहद कम ही लोग जानते हैं। यह अमर प्रेमी कहानी सिरमौर जिला के मुख्यालय ऐतिहासिक शहर नाहन के इतिहास के पन्नों में दर्ज है। यहां एक पत्नी ने अपने पति के…

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Watch Pics : बर्फ के घर में रहने का सपना हुआ सच, देवभूमि में बना इग्लू आकर्षण का केंद्र

बीके शर्मा। रेणुका गोस्वामी। कुल्लू। मनाली अब तक विदेशों में बर्फ के घर में लोगों को रहता देखा होगा। मगर अब देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भी यह सपना सच हुआ है। देवभूमि में देश का पहला बर्फ का घर यानी इग्लू जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में बना है। यह इग्लू पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बिंदु बना है। बर्फ से तैयार किए घर जो आज तक सिर्फ आस्ट्रेलिया अंर्टाकटिका में भी देखने को मिलते थे। वो अब जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में भी पर्यटकों को…

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लोक के संसार में हर ओर गूंज रहा इस कंठ का प्रताप

बिभू शर्मा। कांगड़ा ‘‘ठंडी-ठंडी हवा झुलदी, झुलदे चीलां दे डालू, जीणा कांगड़े दा’’ इस गीत का जिक्र आते ही जिला कांगड़ा का एक मनोरम दृश्य सबके सामने आ जाता है। अब यह गीत एक लोकगीत की तरह प्रचलित है। हिमाचल के कोने-कोने में हर हिमाचली इस गीत के बोलों से वाकिफ है। स्कूल, कॉलेज, समारोह या कोई भी उत्साह का मौका हो, लोग इस गीत को गाते है और इस पर नृत्य भी करते हैं। समूचे हिमाचल प्रदेश में लोकगीत बन चुके इस गीत को शायद ही किसी हिमाचली ने…

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प्यार की मिसाल : नाना को इन पौधों में दिखती है “नन्ही नाती की झलक”

न्यूजघाट टीम। ऊना अपनों के जाने का गम तो हर किसी को होता है। जाने वालों की याद को सहेजने के लिए कुछ ऐसा कर जाना, जिसका लाभ हर किसी को मिले कुछेक ही लोग होते है। जिला ऊना में एक ऐसा शख्स है, जो अपने पांच वर्षीय नाती के जाने के बाद पौधों को ही बच्चों तरह प्यार करते हैं। नाती की याद में पिछले दो वर्ष में ओंकार शर्मा ने 22 सौ पौधे लगा दिए हैं।  खास बात यह है कि पौधे लगाए ही नहीं गए, बलिक उन्हें बच्चों…

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WATCH PICS : मुख्यमंत्री वीरभद्र जी, क्या आपको पता है सिरमौर का यह गांव हो रहा खंडहर

संजय कंवर। पांवटा साहिब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जी, क्या आपको पता है कि सिरमौर जिला का यह गांव खंडहर में तबदील हो रहा है। विकास के दावों पर यह गांव करारा तमाचा मार रहा है। क्षेत्र से 70 से 90 प्रतिशत आबादी पलायन कर चुकी है। विकास की लो इस गांव तक न पहुंचने के कारण मकान भी खंडहर में तबदील हो चुके हैं। फिर भी विकास के बड़े-बड़े दावे इस विधानसभा क्षेत्र के लिए होते हैं। इन तीखे सवालों को शिलाई विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली भजौन पंचायत…

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बुशहरी राजपरिवार के नाते CM वीरभद्र सिंह कल बैठेंगे खास गद्दी पर, पढ़िए क्या है धार्मिक परंपरा

न्यूजघाट टीम। कुल्लू मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शुक्रवार को जिला कुल्लू की सैंज घाटी का रुख करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शांघड में स्थित देवता शंगचुल महादेव के नव निर्मित मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे और उसके बाद एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री कई योजनाओं का भी लोकार्पण करेंगे। खास राजगद्दी पर विराजमान होंगे राजा वीरभद्र सिंह सैंज घाटी के शांघड़ मैदान में मुख्यमंत्री खास राजगद्दी पर विराजमान होंगे। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा भी उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। मैदान में…

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डा. राजीव बिंदल की तेजर्रारी ने पछाड़े सिरमौर के सभी विधायक, DPR तैयार करवाने में बने नंबर वन

अंजलि त्यागी। नाहन भले ही प्रदेश में विधानसभा चुनावों में अभी पूरा एक वर्ष बाकी है। मगर जिला सिरमौर में राजनीति अखाड़े तैयार हो चुके है। इसमें हर कोई अपने विकास कार्यो के राग अलाप रहा है। मगर इनमें कितनी सच्चाई है। इसके लिए सभी विभागों का रिकार्ड खंगाला गया। लगभग चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले विधायक जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतर रहे हैं, इसको लेकर न्यूजघाट ने एक मुहिम शुरू की है। इसकी शुरूआत जनता के लिए सबसे अहम विभाग माने जाने वाले सिंचाई एवं…

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शिमला : 128 साल पुरानी भव्य इमारत, 51 साल पहले थी राष्ट्रपति भवन

आशु वर्मा । शिमला आजादी से पूर्व भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला में 128 साल पहले एक आलीशान इमारत बनकर तैयार हुई थी। भारत की आजादी के बाद ये देश के राष्ट्रपति का निवास बनी। कुल 18 साल तक राष्ट्रपति निवास के तौर पर पहचाने जाने वाली इस इमारत को स्वप्नद्रष्टा राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के तौर पर रूपांतरित कर दिया।      इस इमारत का निर्माण वर्ष 1884 में शुरू हुआ और चार साल बाद वर्ष 1888 में यह बनकर तैयार हो गई। ब्रिटिश शासनकाल में…

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