देवभूमि में एक ऐसा मंदिर, जहां जहरीले से जहरीले सांप का भी उतर जाता है जहर

बिभू शर्मा। कांगड़ा जिला कांगड़ा के नूरपूर के पास प्रसिद्ध नागनी मां के दरबार में पूरे भारत में नाग पूजा का सम्बंध मानव की आस्था से है। वास्तव में नाग जाति की उत्पत्ति पश्चिमी हिमालय है, चाहे जम्मू-कश्मीर हो, कुल्लू-मनाली का गोशाल गांव हो, उत्तराखंड या अन्यत्र कहीं भी यह परम्परा पश्चिमी हिमालय में नाग पूजा हैं, इसलिए विषय वस्तु की सीमा के अन्तर्गत कांगड़ा का नूरपुर क्षेत्र ‘ नागणी माता ‘ के नाम से जाना जाता है। सावन माह में यहां जिला स्तरीय नागनी माता का मेला मनाया जाता है,…

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हिमाचल सरकार दे ध्यान, तो बदल सकती है टेढ़ा मंदिर-शहनशाह अकबर की नहर की तकदीर

बिभू शर्मा। कांगड़ा शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर के कालीधार पर्वतों पर स्थित रघुनाथेश्वर टेढ़ा मंदिर आज लाखों भक्तों की आस्था का प्रतीक है। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम चंद्र, माता सीता सहित यहां पर गुफा में कुछ समय के लिए रुके थे। और इसी मंदिर में पांडवों ने भी अपने वनवास का कुछ समय व्यतीत यहाँ किया था। यहां पर करोड़ों रुपए की भगवान श्रीराम चंद्र, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान व अन्य कई अष्टधातु की प्राचीन व दुर्लभ मूर्तियां थीं, जो बार बार चोरी हो जाने के बाद जिला कोषागार…

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Good News : आम गृहणी पूनम बनी उद्यमिता की मिसाल, सालना एक करोड़ से अधिक की आय

बीके शर्मा। कुल्लू आम गृहिणी की रसोई से निकला एक छोटा-सा आइडिया भी बहुत बड़ा कमाल कर सकता है। रसोई में अपने अनुभव व उम्दा पाक-कला के दम पर आम गृहिणी छोटे-छोटे उत्पाद तैयार करके उन्हें बाजार में उतारकर अच्छी आय अर्जित कर सकती है। कुछ इसी तरह के सपने के साथ एक छोटी सी शुरुआत करने वाली भुंतर की गृहिणी पूनम घई ने उद्यमशीलता की एक मिसाल कायम की है। उनके हाथों से बने मसालों के अद्भुत मिश्रण और रेडिमेड तड़के की महक अब सात समंदर पार के देशों…

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जर-जर स्कूल भवन में कैसे करें पढ़ाई, माशू स्कूल के गिरते भवन में रंगरोगन कर चल रहा काम

न्यूज घाट टीम पांवटा साहिब | गिरीपार में शिक्षा का स्तर किस हद तक गिर रहा है इसका उदाहरण है माशू प्राइमरी स्कूल जहां बच्चे भवन की जर-जर हालत के चलते कमरों में नही बल्कि बरामदे में बैठकर पढाई कर रहे है । जहां कभी भी एक हादसा मासूमो की जान आफत में डाल सकता है । प्रदेश को बेहतर शिक्षा सेवाओं के लिए कई बार अवार्ड मिला है लेकिन अवार्ड देने से पहले दुर्गम क्षेत्र माशू की स्थिति पर भी नजर दौड़ानी चाहिए । यहां प्राइमरी स्कूल का भवन पिछले…

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न पुलिस का आसरा ताका, न समाज का, अपने बूते पर ही परिवार से मिलवा दिया लापता बुजुर्ग

अशोक बहुता। पांवटा साहिब न पुलिस का आसरा ताका, न समाज का, अपने बूते पर ही एक युवक ने एक बिछड़े बुजुर्ग को उसके परिवार से मिलवाया दिया। यह युवक इस बुजुर्ग व उसके परिवार के लिए किसी मसीहा से कम बनकर नहीं आया। गुरू की नगरी पांवटा साहिब के एक युवक ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर शख्स सराहना कर रहा है। इस युवा ने राजस्थान से 6 साल से लापता 70 वर्षीय बुजुर्ग को उसके भरे पूरे परिवार तक पहुंचाने का सराहनीय काम किया…

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हिमाचल में एक ऐसा कुआं, जो रहता है 9 महीने जलमग्न, वरदान या अभिशाप

बिभू शर्मा। कांगड़ा एक ऐसा कुआं जो नौ महीने तक रहा जलमग्न,पर अब आया है झील से बाहर, जिसका पानी पीने को मजबूर हैं,गुज्जर समुदाय के ये लोग।आखिर क्यों जलमग्न रहता है ये कुआं,आइये जाने सच क्या है। जिला कांगड़ा में स्थित पौंग झील में नौ महीने जलमग्न रहने के बाद पानी से बाहर निकला नगरोटा सूरियां के गांव ब्लोहड़ के पास का कुआं गुज्जरों के लिए बरदान भी है और अभिशाप भी। अभिशाप इसलिए क्योंकि कुएं का पानी इतने महीनों तक जलमग्न रहने के कारण संक्रमणकारी हो सकता है,…

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इंसानों के लिए मिसाल : यहां हर रोज शिव मंदिर में माथा टेकने आता है यह ”शिवभक्त” कुत्ता

न्यूजघाट टीम। कांगड़ा आपने फिल्मो में तो इंसान और कुत्ते के प्रेम की फिल्में देखी होंगी और कई फिल्मों में कुत्तों को भगवान की पूजा करते हुए भी देखा होगा,और फ़िल्म में आपने कुत्ते को अपने मालिक का बदला लेते हुए भी देखा होगा। पर आज हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसा कुत्ता जो कि फ़िल्म में नही बल्कि हकीकत में भगवान के दर रोज माथा टेकता है। हर कोई इस कुत्ते की इस मिसाल का कायल हो रहा है। पठानकोट के सिंबल चौक के पास स्थापित भगवान…

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कुल्लू : मिलिए एक ऐसे ‘गुरू’ जी से, जिन्होंने 13 साल गुफा में संवारा नौनिहालों का भविष्य

बीके शर्मा। कुल्लू तीन-चार किलोमीटर का उबड़-खाबड़ व संकरे रास्ते से आने बाले बच्चों के ठंड के दिनों में गर्म पानी से पांव धोना, खाना खिलाना तथा उसके पश्चात कक्षा का पाठ्यक्रम पढ़ाना शिक्षक हरिदत्त शर्मा के लिए रोज़मर्रा का कार्य बन गया था । यह सब किसी प्राचीन गुरुकुल में नहीं बल्कि 21वीं सदी होता आया है । जी हां यह वाक्य बंजार उपमंडल की अति दुर्गम पंचायत गड़ापारली के शाकटी गांव का है । 13 नवंबर, 1988 को प्रदेश सरकार ने सैंज घाटी के सबसे सुदूर गांवों शाकटी-मरौड़…

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Exclusive : पहाड़ों से निकल सिरमौरी बेटा न्यूजीलैंड को सिखाएगा मेजबानी का हुनर

अंजलि त्यागी। नाहन स्कूल के समीप पहाड़ों को देखकर ऊंची आसमानी उड़ान नितेश को इस कदर प्रेरित करती थी कि उसने कम उम्र में ही अपने लिए विदेश की लगजरी नौकरी का सपना बुन लिया। इसमें न केवल उसने अपने सपने को सार्थक करने के लिए कड़ी मेहनत की, अपितु खुद को विदेशी दुनियां में ढालने के लिए विदेशी भाषा का ज्ञान भी अर्जित किया। सिरमौर के गांव सेरतदुंला तहसील संगड़ाह के किसान ओमराज ठाकुर ने कभी नहीं सोचा था कि उसका बेटा नितेश ठाकुर एक दिन होटल मेनेजमेंट कर…

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यहां लगती है देवताओं की अदालत, इनके फैसले को मानते हैं सभी देवी-देवता, पढ़े रोचक है इतिहास

बालकृष्ण शर्मा। कुल्लू ज़िला कुल्लू की उझी घाटी में आज भी एक  ऐसा स्थान है जहाँ इंसानो के साथ साथ देवी देवताओं के मामलों का भी निपटारा किया जाता है। इस स्थान पर अगर कोई फैसला लिया गया तो वो सभी देवी देवताओं को मान्य होता है। वही, जब जब भी घाटी में कोई बड़ी आपदा के सम्भावना होती है तो सभी देवी देवता आपस मे मिलकर जगती का भी आयोजन करते है। यह पवित्र स्थान है नग्गर का जगती पट्ट। इस जगती पट्ट में आज भी देवी देवताओं के…

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