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हिमाचल में एक ऐसा गांव, जहां बरसों से नहीं मनाई जाती दिवाली, वजह कर देंगी आपको दंग

न्यूजघाट टीम। हमीरपुर भारत के सबसे बड़े पर्व दीवाली को लेकर जहां हर जगह जोर शोर से तैयारियां चली हुई हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में सम्मू गावं ऐसा है जहां पर सैकड़ों सालों से दीवाली मनाना तो दूर की बात दीवाली पर घर पर पकवान तक नहीं बनाए जाते है। जी हां ऐसा शापित गांव संम्मू जहां पर लोगों का मानना है कि किसी ने दीवाली मनाने की कोशिश की तो गांव में या तो आपदा आती या फिर अकाल मृत्यु हो जाती है। जिस कारण सैकडों…

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लंका दहन के साथ देव महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा संपन्न, हजारों ने खींचा रघुनाथ का रथ

बीके शर्मा। कुल्लू ज़िला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में चल रहर 7 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का लंका दहन के साथ समापन हो गया है। देवताओं के इस महाकुंभ में हजारों लोगों सहित सैंकड़ों देवी-देवताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। विश्व के सबसे बड़े देव महाकुंभ एवं अनूठी परंपराओं का संगम कुल्लू दशहरा पर्व में रघुनाथ की रथ यात्रा के बाद विधिवत रूप से शुक्रवार को लंका दहन के नजारे के हजारों लोग गवाही बने। लिहाजा, सात दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में सैंकड़ों देवी-देवताओं के साथ रघुनाथ…

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देवता “धूमल” दशहरा रथ यात्रा के ट्रैफिक इंचार्ज, अकेले ही हजारों की भीड़ को हटाने में सक्षम

बीके शर्मा। कुल्लू एक ऐसा देव जो नाग के नाम से जाना जाता है। खास बात तो यह है कि दशहरा उत्सव में जब पुलिस भी भीड़ को हटाने में बेबस हो जाती है तो वो अकेला ही हजारो लोगो की भीड़ को हटाने में सफल होता है। इतना ही नही अगर इसके देव स्थान पर कोई व्यक्ति अशुद्धि कर दे तो देवता का रथ अपने आप ही चलना शुरू कर देता है। ऐसे में कई बार देवता के हारियानों को देव रथ को ही बांधना पड़ता है। ताकि वो…

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कुल्लू : भगवान रघुनाथ के कैंप में हुआ 18 करोड़ देवी-देवताओं को महामिलन

बीके शर्मा। कुल्लू देवसमागम अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के छठे दिन वीरवार को ढालपुर मैदान देवी-देवताओं की ध्वन लहरियों से जहां गुंजायमान हो उठा वहीं, ऐसा प्रतीत हुआ कि एक बार फिर धरती पर देवलोक से सारे देवता उतर आए हों। मुहल्ले के दिन सभी देवी-देवता अपने अस्थाई शिविर से बाहर निकले और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भगवान रघुनाथ के कैंप व नरसिंह भगवान की चनणी तक पहुंचे। इस दौरान देवी-देवताओं की रथ यात्रा से ढालपुर मैदान सराबोर रहा। विश्व के सबसे बड़े देव महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में रविवार…

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त्रिलोकपुर में नवरात्र मेले के दौरान अब तक 76 हजार श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन

न्यूजघाट टीम। कालाअंब। त्रिलोकपुर महामाया माता बालासुन्दरी मन्दिर त्रिलोकपुर में चल रहे आश्विन नवरात्र मेले के 13वें दिन तक लगभग 76 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए तथा श्रद्धालुओं द्वारा अब तक 97 लाख रुपये नगद राशि, 89 ग्राम 850 मिलीग्राम सोना व 11 हजार 775 ग्राम चांदी माता के मंदिर में अर्पित की गई।    एसडीएम एवं सदस्य सचिव कृतिका कुल्हारी ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्रे के तेहरवे दिन आज लगभग 5 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा 12 हजार रूपये…

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कुल्लू : अस्थाई शिविर में चंद्राउली नृत्य पर खूब नाचे देवलू, ऐसे होगा शक्ति का अवतार

बीके शर्मा। कुल्लू ढालपुर मैदान में सजे भगवान रघुनाथ जी के अस्थाई शिविर में पुरात्न चंद्राउली नृत्य की धूम शुरू हो गई है। यह नृत्य लंका दहन के दिन तक चलता रहेगा। चंद्राउली नृत्य की धूम देखने वालों का भी खूब हजूम उमड़ रहा है। सांय काल के वक्त होने वाले इस नृत्य में जहां देवलू खूब नाच रहे हैं। वहीं अंतिम दिन यह नृत्य सुबह तक चलता रहेगा। सुबह के समय शक्ति का आह्वान लंका दहन से पूर्व कि या जाएगा। इसके बाद चंद्राउली के दौरान शक्ति प्रकट होगी…

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व्यापार, पर्यटन-मनोरंजन की दृष्टि से दशहरा उत्सव की अद्वितीय पहचान, उत्सवों का बन गया है सिरमौर

बीके शर्मा। कुल्लू कुल्लू का दशहरा हिमाचल प्रदेश के उत्सवों का सिरमौर बन गया है। यूं तो यहां मंडी की शिवरात्रि, चंबा में मिंजर मेला, सुजानपुर टिहरा में होली, शिमला में समर फेस्टिवल, रामपुर की लवी भी कम प्रसिद्ध नहीं है। लेकिन देवताओं की गोद में बसा कुल्लू अपनी अनूठी देव संस्कृति के लिहाज उत्सवों के फलक पर प्रसिद्ध है। ख्याति का लबादा दशहरा ने अपनी देव परंपरा से ही पहना है। फिर प्रगति के इस सफर में प्रदेश ने अपनी समृद्ध संस्कृति व सभ्यता की अनमोल थाती को बखूबी…

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भगवान रघुनाथ जी के अस्थाई शिविर में सैंकड़ों देवी-देवता प्रतिदिन नवा रहे हैं शीश

बीके शर्मा। कुल्लू देवमहाकुंभ अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का मुख्य आकर्षण रहने वाले अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ का शिविर भक्तिमय हो उठा है। देवता के अस्थाई शिविर में सुबह से शाम तक घाटी के आराध्य देव अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं। प्रात: के समय ही भगवान रघुनाथ जी की षोडशोपचार के बाद भव्य श्रृंगार किया गया तथा राम सीता, हनुमान व नरसिंह भगवान ही विधिवत तरीके से पूजा की गई। यह ऐतिहासिक व पुराण संगत पूजा भगवान राम जी के कारदार अठाहर करड़ू के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह तथा रघुनाथ जी के…

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6 दिनों तक प्रतिदिन 8 बार होगा भगवान रघुनाथ जी का श्रृंगार, बनता है आकर्षण का केंद्र

बीके शर्मा। कुल्लू देवी-देवताओं के महाकुंभ दशहरा उत्सव में भगवान रघुनाथ जी का अस्थाई कैंप जहां आकर्षण का केंद्र बना हुआ है वहीं, रघुनाथ जी का श्रृंगार एक दिन में आठ बार किया जा रहा है। रघुनाथ जी दशहरा उत्सव के अधिष्ठाता देव माने जाते हैं। रघुनाथ जी रोज सीता माता के साथ सज-धज कर अपने अस्थाई शिविर में अपने सिंहासन पर विराजमान होते हैं। दशहरा पर्व में हर रोज रघुनाथ जी का श्रृंगार सुंदर वस्त्रों तथा कीमती आभूषणों से किया जाता है। यहीं नहीं ढालपुर मैदान के बीचों-बीच बने…

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परंपरा निभाने में लीन कुल्लू के “राजा”, देवनीति को छोड़ राजनीति नहीं कर सकते महेश्वर सिंह (Pics)

बीके शर्मा। कुल्लू दशहरा उत्सव की परंपरा निभाने में कुल्लू के राजा महेश्वर सिंह लीन हैं। राज परिवार से ही दशहरा पर्व का महत्व जुड़ा है। रघुनाथ जी की रथ यात्रा से लेकर लंका दहन तक कुल्लू के राजा महेश्वर सिंह को देवनीति की परंपरा निभानी पड़ती है। सुबह सांय जहां महेश्वर सिंह रघुनाथ जी पूजा अर्चना में व्यस्त रहते है वहीं दिन को राजा की जलेब चलती है। यहां खास बात यह है कि देवनीति को छोड़कर देव कारजों में कुल्लू के राजा राजनीति नहीं कर सक ते हैं।…

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