हिमाचली लोक गायक इंद्रजीत व सुरेश सुर के नये गाना लुंबरू का हुआ विमोचन

न्यूजघाट टीम। कुल्लू
‘साजा लागा माघे रा गीत की अपार सफलता के बाद हिमाचली लोकगायक इंद्रजीत ने महाशिवरात्री के पर्व व वेलेंनटाईन-डे के उपलक्ष्य पर संगीत प्रेमियों के लिए ‘लुंबरू गीत तैयार किया है जिसका विमोचन एसडीएम कुल्लू डॉ. अमित गुलेरिया ने विधिवत रूप से किया। हिमाचली संस्कृति व कुल्लू के पुराने गानों को उजागर करने वाले लोकगायक इंद्रजीत ने इस लुंबरू गीत में अपनी प्रेमिका को प्यार का इजहार करने के लिए यह गाना गया है।

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   इस गाने में प्रेमी अपनी प्रेमिका को गाने के माध्यम से दिल की बात बताता है। ‘एक शाहुरा भेखली धारा, दुजा शाहुरा रूपी, आधा रातीए हुआ सुपना जाली कालजू लुपी गीत को जहां बंजार क्षेत्र के अति दुर्गम गांव सरची, जमाला ही हसीन वादियों में फिल्माया गया वहीं इस गाने में सरची जमाला के लोगों को किरदार निभाने का मौका भी मिला। साजा लागा माघे रा गीत को जहां यू-टयूब में 10 लाख से ज्यादा देश-विदेश के लोगों ने देखा व सुना वहीं, बुधुआ मामा गीत को भी 10 लाख से ज्यादा देश-विदेश के लोगों ने सुन कर लोकगायक इंद्रजीत को सर आंखों पर बैठाया। इसी तरह अपने प्रशंसकों का ध्यान रखते हुए महाशिवरात्री पर्व व वेलेंटाइन-डे पर ‘लुंबरूÓ गीत को यू-टयूब पर लोड़ कर दिया गया है।



    विमोचन समारोह में उपमंडलाधिकारी अधिकारी डॉ. अमित गुलेरिया ने लोकगायक इंद्रजीत के साथ आईसुर समूह के डायरेक्टर सुरेश सुर व उनकी टीम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि एक हिमाचली कलाकार हिमाचली संस्कृति व यहां की पुरातन वेशभूषा और कुल्लू के पुराने गीतों को नया रूप देकर यहां की संस्कृति को देश-विदेश में रू-ब-रू करवा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य हिमाचली कलाकारों को भी लोकगायक इंद्रजीत की तर्ज पर कार्य करना चाहिए। डॉ. अमित गुलेरिया ने लुंबरू गीत को सुनने के बाद इंद्रजीत को बधाई दी और शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर संगीतकार बालकृष्ण, आईसुर स्टूडियों के डायरेक्टर सुरेश सुर, बालकृष्ण शर्मा, दीपक गौतम, जितेंद्र मोदगिल, बलदेव, संसार चंद, मिलाप चंद, सुनील, चुनी लाल आदि भी मौजूद रहे।

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