ये है गुरू की नगरी पांवटा साहिब के बस स्टैंड के हाल, कीचड़-गंदगी से होता है यहां स्वागत

संजय कंवर। पांवटा साहिब
गुरु की नगरी पांवटा साहिब देश विदेश में अपनी धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्व है। सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी ने खुद इस नगरी की नींव रखी थी। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुगण पांवटा साहिब पहुंचते है। लेकिन डेढ़ दशकं से पांवटा बस स्टैंड की कोई सुध नहीं ली जा रही। हर पार्टी की सरकारें आई व चली गई। देश व प्रदेश में सरकार ने स्वच्छता अभियान मुहिम चलाई है। लेकिन बस स्टैंड परिसर में प्रवेश करते ही नजारा मन मस्तिक को झंझोर कर देता है।

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    हर तरफ गंदगीए, खस्ताहाल सार्वजनिक शौचालय, खुले में शौच से बदबू का आलम। इस तरफ हिमाचल पथ परिवहन निगम ने कोई खास ध्यान ही नहीं दिया है। पिछले डेढ़ दशक से प्रदेश की किसी भी पार्टी की सरकार ने पांवटा बस स्टैंड मुद्दे को भी गंभीरता से लिया ही नहीं है। अब आलम ये हो चला है कि हल्की सी बारिश होने पर बस स्टैंड परिसर तालाब के रुप ले लेता है। टूटी फर्श की हालत ऐसी की पैदल चलने वाले भी चोटिल हो सकते है। सबसे ज्यादा किरकिरी तब होती है। जब विदेशी या देश के किसी कोने-कोने से गुरु की नगरी में आस्था के चलते खीचं आने वाली पर्यटक बस स्टैंड में उतरते है।


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    उतरते ही सार्वजनिक शौचायल की तरफ बढ़ते कदम ठिठक कर उल्टे पांव ही वापिस लौट चलते है। बस स्टैंड परिसर के सार्वजनिक शौचालय में शौच कर पाना छोडिए भीतर झांक कर देखना भी दुश्वार नजर आता है। स्वच्छता अभियान तो बस स्टैंड परिसर में कहीं किसी भी क्षेत्र में नजर नहीं आता। जिससे पथ परिवहन निगम की निष्करियता भी छलकती है। लाखों बजट से एक संस्था ने नए शौचालय बनाए भी है। लेकिन सिवरेज क्नेकशन इस तरफ लाईन नहीं है, जिसके चलते दो वर्षों से नए शौचालयों में ताले लटके है। लोग मजबूरन खुले में शौच करते है, जिससे परिसर के हर तरफ चार दिवारे गंदी हो रही है।

क्या कहते है पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी
पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि बस स्टैंड मुद्दा प्राथमिकता में रहेगा। फरवरी दूसरे सप्ताह में होने वाली विधायक प्राथमिकता बैठक में सबसे पहले रहेगा। जिससे देश विदेश से पहुंचने वाले पर्यटकों श्रद्वालुओं, प्रदेश व स्थानीय लोगों को बेहतर बस स्टैंड मिल सके।

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