बम-बम भोले! भारी बर्फ में भी शिव दर्शन को बिजली महादेव पहुंचे श्रद्धालु, भक्तों का तांता

बीके शर्मा। कुल्लू
मंगलवार सुबह से ही कुल्लू घाटी में जोरो की बारिश हो रही थी। वही, घाटी की पहाड़ियों में भी बर्फ गिरने का क्रम जारी था।लेकिन भारी बर्फबारी भी शिव के दर्शनों की लालसा लिए भक्तों की राह को नही रोक पाई। भारी बर्फ के बीच भी सेंकडो श्रद्धालु पैदल ही बिजली महादेव मंदिर पहुंचे और वहाँ भगवान शिव के दर्शन किये। वही, शिवरात्रि के अवसर ज़िला कुल्लू के विभिन्न शिवालयों में भी शिव के दर्शनों को भीड़ उमड़ी रही।

    शिव मंदिरों में दिन भर शिव के जयकारे गूंजते रहे। वही, ज़िला कुल्लू के मुख्यालय सिथत भूत नाथ मंदिर, भुंतर बाजार में सिथत शिव मंदिर सहित मनाली व बंजार के शिव मंदिरों में भी शिवरात्रि की धूम रही। शिव मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए विशेष रूप से खीर का प्रसाद तैयार किया गया। वही, उपमंडल बंजार व आनी में हर घर मे शिवरात्रि मनाई जाती है और पारम्परिक पकवानों का भगवान को भोग लगाया जाता है। रात के समय लोग घरों में भजन कीर्तन का आयोजन करते है और अगले दिन सुबह भी भगवान की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। बाह्य सराज आनी में शिवरात्रि उत्सव मनाने का अंदाज कुछ अलग है।

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    यहां पर शिवरात्रि से एक माह पहले ही नाच-गाने का दौर शुरू होता है, जो शिवरात्रि तक जारी रहता है। यहां हर गांव के लोग एकत्रित होकर गांव के हर घर में जाकर नाच-गान की फेरी लगाते हैं। खनाग पंचायत के प्रधान बीएस राणा ने बताया कि यह परंपरा यहां सदियों से चली आ रही है, जिसका आज आधुनिक युग में भी ग्रामीण बखूवी वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर शिवरात्रि के दिन हर घर में केंमटू की माला जिसे यहां की बोली में सांई कहा जाता है को घर के एक कोने में लटकाया जाता है और इस माला को शिव का रूप मानते हैं तथा इसकी पूजा अर्चना की जाती है। केंमटू की माला जिसे जौ, पाजा, नयर खास किस्म की हरी घास से बनाया जाता है।



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