सूखे से अब प्राकृतिक जलस्रोत भी सूखने की कगार पर, ग्रामीण परेशान

बीके शर्मा। कुल्लू
करीब 4 माह से आसमान से बादल न बरसने के चलते जिला कुल्लू के अधिकतर गांवों में अभी से सूखे के हालात बने हुए है। अभी जनवरी का ही मौसम चल रहा है। ऐसे में अगर जल्द आसमान से बारिश और बर्फबारी न हुई तो आने वाली गर्मियों में लोगों को जल संकट का भारी सामना करना पड सकता है। बारिष न होने के कारण कई जगहों पर प्राकतिक जल स्त्रोत सूख चुके है और लोगों को कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर पीने का पानी भरकर लाना पड रहा है।

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    उपमंडल बंजार के कुछ गांव में बच्चों को भी पहले सुबह पानी भरना पड रहा है और उसके बाद वो स्कूल के लिए तैयार हो रहे है। घाटी के ग्रामीण लाल चंद, सुभाष, टेक चंद, उर्मिला, कांता ठाकुर, लीना देवी, नीना, लता ठाकुर का कहना है कि पानी न होने के कारण सबसे ज्यादा परेषानी महिलाओं को झेलनी पड रही है। पहले महिलाए सुबह पीने के लिए पानी भर रही है और दोपहर को पशुओं को जल स्त्रोत के पास ले जाना पड रहा हैं।



     उन्होंने कहा कि अगर समय पर बारिश होती है तो पीने के पानी की कमी नहीं होती है। लेकिन अबकी बार बारिष न होने के चलते गांव में सूखे की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे में अब ग्रामीणों ने भी देवी देवताओं की शरण में जाना शुरू कर दिया है।

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