भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप पर भ्रष्टाचार का आरोप, सोलन न्यायालय में चार्जेस फ्रेम

वीएस पाठक। शिमला
अप्रैल 2009 को लोकसभा चुनाव के दौरान सांसद वीरेंद्र कश्यप द्वारा रिश्वत लेने का मामला स्टिंग आपरेशन के माध्यम से सामने आया था। जिसमें वह किसी कार्य को पूरा करवाने के लिए पैसे ले रहे थे। प्रार्थी का आरोप है कि जिस समय यह मामला हुआ, उस वक्त प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। उसके बाद वह लोकसभा सीट से चुनाव जीत कर सांसद बन गए। इसके कारण मामले की जांच ठीक से नहीं की गई। हालांकि तत्कालीन सरकार ने फरवरी 2010 में विशेष जांच दल का गठन कर इस प्रकरण की छानबीन करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण विशेष जांच दल ने यह कहकर केस को बंद कर दिया था कि सांसद पर लगाए गए इन आरोपों पर कोई केस नहीं बनता है।

negi
chauhan

वीरेंद्र कश्यप के खिलाफ न्यायालय में आज चार्जेस फ्रेम हुए
प्रार्थी ने याचिका में यह भी आरोप लगाया है कि इस बारे में लोकसभा की तत्कालीन स्पीकर को शिकायत की गई थी, लेकिन इसके बाद भी सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश सरकार की ओर से न्यायालय के समक्ष दायर किए गए शपथ पत्र के मुताबिक 6 मार्च 2014 को वीरेंद्र कश्यप के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत फिर से मामला दर्ज कर लिया है और अब सोलन न्यायालय में आज उनके खिलाफ चार्जेस फ्रेम हो गए हैं।

Facebook Comments

Related posts