पांवटा साहिब में 25 लाख खर्च करने के बाद भी नहीं मिल रही रैनबसेरा की सुविधा

न्यूजघाट टीम। पांवटा साहिब
पांवटा साहिब में 25 लाख रूपए से तैयार रैनबसेरा में 15 वर्ष बाद भी राहगीरों और बेसहारा लोगों को जगह नहीं मिल पा रही है। इस ठंड का दंड सिर्फ गरीब को ही भुगतना पड़ रहा है। पांवटा साहिब नगर परिषद ने लोगों की गाढी कमाई से तकरीबन 25 लाख रूपए से रैनबसेरा तैयार किया था। नगर परिषद ने पहले कई साल इसे होटल बना कर किराए पर थमा दिया, तो अब इसमें नगर परिषद के चहेतों को मुफ्त में कमरे बांटे गए है। आखिर रैनबसेरे को रैनबसेरा बनाए रखने में समस्या क्या है।

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किसके लिए है रैनबसेरा
पांवटा के गोविंद घाट बैरियर पर लाखों की कीमत से निर्मित रैनबसेरा उन लोगों के लिए है, जो इलाज के लिए पांवटा देर सवेर आते है। इसके अलावा किसी यात्री की बस छूट जाए या किसी भी कारण से किसी गरीब को पांवटा में रूकना पड़े तो महंगें होटलों के बजाए रेनबसेरा की छत तले आसरा मिल पाए। उधर इस बारे में उपाध्यक्ष नगर परिषद नवीन शर्मा ने कहा कि रैन बसेरा किसी को नहीं दिया गया है। अगर कोई उसमें रहा है तो कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही गरीब लोगों के लिए इसे खोला जाएगा ।

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