चूड़धार में ट्रेकिंग अब होगी और भी सेफ, सेंक्चुरी पर अब पर्यटकों को मिलेगी ये बड़ी सुविधा

न्यूजघाट टीम। नाहन
जिला की सबसे ऊंची चूड़धार सेंच्यूरी में वाइल्ड लाइफ विभाग फेबरीकेटेड हट का निर्माण करने जा रहा है। पर्यटकों, श्रद्धालुओं व ट्रेकरर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। गौर हो कि चूड़धार सेंच्यूरी में अब तक कई लोगों को बर्फ, बारिश व जंगली जानवरों से कई घायल हो चुके हैं। जबकि कईयों की जानें भी जा चुकी हैं। हर वर्ष चूड़धार सेंच्यूरी क्षेत्र में कोई न कोई घटना लोगों के होती रहती है।

     चूड़धार मंदिर के कपाट बंद होने के बावजूद भी लोग मंदिर व ट्रेकिंग के लिए चूड़धार चोटियों की ओर चले जाते हैं। अधिक बर्फबारी, बारिश व जंगली जानवरों की वजह से लोगों को कई अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता है। जबकि कई बार मौसम अधिक खराब हो जाने की वजह से रास्ता भी भटक जाते हैं। इसे के मध्यनजर वाइल्ड लाइफ सेंच्यूरी विभाग ने चूड़धार क्षेत्र में फेबरीकेटेड हट बनाने का निर्णय लिया है।

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12 बाय 12 फीट का होगा हट
चूड़धार सेंच्यूरी क्षेत्र में वाइल्ड लाइफ विभाग 12 बाय 12 फीट के दो हटों का निर्माण करने जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार लोगों को प्रोटेक्शन देने के लिए इन हटों का निर्माण किया जा रहा है। इन हटों में न तो कोई ताला होगा न ही इसे खोलने में कोई दिक्कत होगी। अधिक बर्फबारी, तू$फान, बारिश व जंगली जानवरों से बचने के लिए इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। यह मजबूत फेबरीकेट सीट से बना होगा।

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   हवा, तू$फान व अधिक बर्फबारी का इसमें कोई असर नहीं होगा। खुले स्थान व आसानी से हट पहुंचने के लिए इसे ऐसे स्थल में लगाया जाएगा जहां पर लोग इसका इमरजेंसी के दौरान इस्तेमाल कर सकें। इन हटों का निर्माण तो किया जा चुका है। मगर इन्हें अप्रैल माह तक चूड़धार सेंच्यूरी क्षेत्र में फीट कर दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि चूड़धार सेंच्यूरी क्षेत्र में कई बार हादसे हो चुके हैं। इस कारण विभाग ने यहां पर दो हट बनाने का निर्णय लिया है। जिसमें लोगों को प्रोटेक्शन मिलेेगी।

बैस कैंप की भी उठ रही मांग
देश के मानचित्र पर हरिपुरधार क्षेत्र तेजी से पर्यटन क्षेत्र के रुप में उभर रहा है। यहां पर हर साल देशभर से हजारों श्रद्धालु, पर्यटक व ट्रेकरर्स पहुंचते हैं। हरिपुरधार से चूड़धार के लिए लगभग 30 किमी लंबा पुराना रास्ता है। महल लाधी क्षेत्र के अधिकतर लोग इसी रास्ते से चूड़धार जाते हैं। मगर रास्ता लंबा होने के कारण बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानी तरहा व नौहराधार के रास्ते से चूड़धार जाते हंै। हरिपुरधार से चूड़धार जाने वाले रास्ते पर यदि बैस कैंप बनाए जाते है तो हरिपुरधार व चूड़धार में पर्यटको की सं या में भारी इजाफ ा हो सकता है।

    हरिपुरधार से मलनों तक सड़क बनाने की मांग लंबे समय से चली आ रही है। यदि मलनो तक सड़क बनती है तो मलनो से चूड़धार तक का लगभग आधा सफ र कम हो सकता है। बताया जा रहा है कि हरिपुरधार को चूड़धार से जोडऩे के लिए मां भंगाइणी मंदिर सेवा समिति भी विचार कर रही है। समिति नेे हरिपुरधार से चूड़धार जाने वाले रास्ते पर दो बैस कैं प बनाने बनाने की योजना बनाई है। समिति छिंडियारा व तोटा बाक्टा नामक स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से लेस दो बैस कैंप बनाने पर विचार कर रही है। इन बैस कैंपों में पर्यटकों को खाने पीने के अलावा ठहराने की व्यवस्था की भी योजना है। बैस कैंं प में बिजली व पानी समेत तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।

टीसरी के पास लगेगा फेबरीकेटेड हट
डीएफओ वाइल्ड लाइफ शिमला राजेश शर्मा ने बताया के श्रद्धालुओं, पर्यटकों व ट्रेकर्स को इमरजेंसी से निपटने के लिए चूड़धार सेंच्यूरी में दो हटों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक हट चूड़धार रास्ते में स्थित टीसरी नामक स्थान पर लगाई जाएगी। जबकि दूसरी हट खुले क्षेत्र में लगाई जाएगी। जहां पर इमरजेंसी के दौरान लोग इन हटों में जाकर अपनी जान बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हट बनकर तैयार है। जबकि इनको अप्रैल माह में फीट करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की प्रोटेक्शन के लिए वन्य प्राणी विभाग ने यह कदम उठाया है।

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