कई सरकारें आई और गई, पर किसी ने नहीं ली मणिकर्ण पीएचसी भवन की सुध

बीके शर्मा। कुल्लू
जिला कुल्लू में सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल तो खोले दिए हैं। लेकिन कई सालों के बाद संबंधित विभाग जब भवन निर्माण कार्य शरू करता है तो भवन का निर्माण धीमी गति से चलाता है। जिसका खामियाजा घाटी के लोगों को भुगतना पड़ता है। धार्मिक नगरी मणिकर्ण में सरकार और विभाग ने करीब 21 साल पहले पीएचसी खोल रखी है लेकिन अभी तक भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। वर्तमान में पीएचसी मणिकर्ण राम मंदिर के एक कमरे में चल रहा है। जगह तंग होने से चिकित्सक और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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    गौर रहे कि मणिकर्ण बस अड्डे के समीप करीब 2005 में पीएचसी भवन का निर्माण कार्य शरू किया गया था। लेकिन 12 साल बीतने के बाद भी भवन निर्माण का पूरा नहीं हो सका है। भवन का निर्माण कार्य अधर में लटकने से घाटीवासीयो में भारी रोष पनप गया है। लोगों की माने तो करीब 3 साल से फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। भवन का कार्य रुक रुक कर चलने से लोगों का गुस्सा सातवें आसमान तक पहुंच गया है। 42 लाख से बन रहे पीएचसी भवन में 6 बिस्तरों की सुविधा होगी वहीं चिकित्सकों को ठहरने का आवास और लेव का निर्माण होना है। किराए के कमरे में चल रही पीएचसी में घाटी के लोगों को मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है। ऐसे में लोगों को इलाज करने के लिए जरी या फिर कई किलोमीटर दूर कुल्लू अस्पताल पहुचना पड़ता है।

इस पीएचसी पर घाटी की 9000 की आबादी निर्भर
मणिकर्ण घाटी की कसोल मणिकर्ण बरशेनी पंचायत की करीब 9000 आबादी इस पीएचसी पर निर्भर है। लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोगों को इसका पूर्णतया लाभ नहीं मिल रहा है।

“मामला ध्यान में है पीएचसी भवन का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। इस बारे में लोक निर्माण विभाग को पत्राचार किया जा चुका है। “डॉ नीना लाल बीएमओ जरी

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“मामला मेरे ध्यान में है कुछ समय पहले ठेकेदार ने निर्माण कार्य में देरी डाली थी लेकिन बाद में पीएचसी भवन का निर्माण शरू किया था अब केबल छत और फिनिशिंग का कार्य शेष बचा है लेकिन सर्दी के चलते अब अगले माह से निर्माण कार्य शरू किया जाएगा। ” दुष्यन्त पाल सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग शाट

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