7 साल के मासूम ने दी पिता को मुखाग्नि, मणिपुर में लड़ते हुए हिमाचल के लाल ने दिया सर्वोच्च बलिदान

न्यूजघाट टीम। मंडी
मणिपुर में नक्सली हमले में शहीद हुए मंडी के पंडोह गांव निवासी इंद्र सिंह का पूरे सैनिक-राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद के सात साल के बेटे उदय सिंह ने मुखाग्नि दी। शहीद इंद्र सिंह का पार्थिव शरीर सुबह करीब 9 बजे उनके घर पहुंचाया गया। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को घर के आंगन में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीग उमड़ी। लेकिन क्षत-विक्षत शव होने के कारण परिजनों को शव खोलकर नहीं दिखाया गया।

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     शव के घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम संस्कार में आए लोगों ने इंद्र सिंह अमर रहे के नारे लगाकर यह संदेश दिया कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ने के लिए सभी एकजुट हैं। घर पर अंतिम दर्शन करवाने के बाद शहीद की शवयात्रा शुरू हुई। पंडोह स्थित श्मशानघाट पर शव को पहले सलामी दी गई और मातमी धुन बजाकर शोक प्रकट किया गया। यहां पर शहीद के सात वर्षीय बेटे उदय सिंह ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।

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