सराहां : पशु मालिक के सामने खूंखार तेंदुए ने 8 बकरियां को गिराया मार, खौफ से सहमे ग्रामीण

सुरेश कुमार। सराहां
सराहां पंचायत के आॅंजी सिवत गांव मे दिनदहाड़े ही एक तेंदुए नंे आठ बकरियों को मार डाला। आंॅजी सिवत निवासी वेद प्रकाष के उपर कुदरत की कुछ ऐसी मार पड़ी कि उसके सामने ही बेखोफ घूम रहे एक तंेदुए ने उसकी आठ बकरियों को मार डाला। मंजर सांय करीब 5 बजे का है, जब वेद प्रकाष अपनी बकरीयों को जुगल से चुगाकर घर ला रहा था। अचानक आंजी के साथ लगते जंगल से जब वह घर सिवत की ओर आ रहा था तो उसे गुंर्राने की आवाज सुनी और बकरियां भी हांफती हुई भागी। वेद प्रकाष ने देखा कि साथ ही उसकी दो बकरीयां कहरा रही थी।

     उसने देखा कि खुंखार तेंदुए ने उसकी तीसरी बकरी को दबोच रखा था। उसने गांव वालों को आवाज लगाई। जैसे ही वह आगे अपनी अन्य बकरियों की गांव वालों के साथ आगे की ओर बढ़ा तो देखा की उसकी दो ओर बकरियां वहां थोड़ी दूर पर मरी पड़ी थी, जिनके गले को खाया हुआ था। जैसे गांव वाले आगे जंगल की आंेर षौर मचाते गए तो उन्हे एक ओर बकरी मरी मिली। लोगों के षौर से तंेदुआ एक बकरी को उठा कर भाग गया। बचाव करने के बाद भी तेंदुए ने वेद प्रकाष की आठ बकरियों को मार डाला, जिसमे सात तो मरी मिली, लेकिन एक को तेंदुआ उठा ले गया। वेद प्रकाष ने बताया कि वह किसान है और बकरियां पाल कर अपना घर चलाता है। उसका कहना है कि उसके पास 22 बकरियां थी, जिनमे से आठ बकरियों को तेंदुआ मार गया, जिससे उसे भारी नुकसान हो गया है।

    उसने बताया कि मरने वाली बकरियों मे दो बड़े बकरे और बाकी 6 बकरियां थी। वहीं गांव वालों का कहना है यह तेंदुआ बेखौफ गांव के साथ जंगल मे गुर्राता रहता है जिस कारण गांव वाले डर के साये में जी रहे है। इनका कहना है कि सरकार व विभाग इस ओर उचित कार्यवाही कर इस तेंदुए को पकड़े। साथ ही लोगों ने मांग की है कि ऐसे कई खुंखार तंेदुए यहां जंगल मे घुम रहे है जिससे उन्हे अपने मवेषियों के साथ साथ अपने बच्चों को भी स्कूल भेजने मे डर लग रहा है। बता दें कि क्षेत्र मे यह कोई एक घटना नही है कि तंेदुए ने किसी पषु या फिर कुत्ते को अपना निवाला न बनाया हो।

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      पच्छाद के घिन्नीघाड़, धारटीधार व सैनधार मे हर रोज कही न कही कोई तंेदुआ यहां कभी किसी की गाय तो कभी बकरी या फिर किसी कुत्ते को मार रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि विभाग उन्हे या तो पकड़े या फिर उन्हे इसे मारने की स्वीकृति दे। उधर इस संदर्भ में जब रेंज आॅफिसर अमर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बकरियों का जो भी उनके विभागानुसार होगा वह उसे दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि क्षेत्र मे तेंदुआ ज्यादा नुकसान कर रहा है है तो उनको पकड़ने के लिए पिंजरें लगाए जाएंगे, ताकि उन्हे पकड़ा जा सके।

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