विवादो से घिरी फिल्म ‘पद्मावती’, हिमाचल में भी पहुंची विरोध की चिंगारी

न्यूजघाट टीम। बद्दी
फिल्म निदेशक संजय लीला भंसाली के नव निर्मित बालीबुड फिल्म पदमावती फिल्म में दिखाए गए आपत्तिजनक दृश्यों का बीबीएन के क्षत्रियों ने कड़ा विरोध जताया है। राजपूतों का कहना है कि अगर एक दिसंबर को निर्धारित तिथि पर बद्दी में यह फिल्म रलीज होती है तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा और भंसाली को जमकर फटकाल लगाई गई।

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    क्षत्रिय महासभा के हिमाचल इकाई के उपाध्यक्ष कैप्टन डीआर चंदेल, राजपूत प्रदेश कल्याण बोर्ड के सदस्य शिव कुमार ठाकुर, राजपूत सभा के नालागढ़ इकाई के अध्यक्ष रविंद्र ठाकुर, क्षत्रीय महासभा के राष्ट्रीय इकाई के सदस्य एवं जिला पंचकूला के अध्यक्ष धर्मपाल नेगी, हंसराज ठाकुर, पंकज ठाकुर, हिंद मजदूर सभा के प्रदेशाध्यक्ष, बददी विकास मंच के प्रधान बेअंत सिंह ठाकुर, ईश्वर ठाकुर किशनपुरा, मास्टर रणविजय ठाकुर, मोहन सिंह चंदेल, सामाजिक कार्यकर्ता बलविंद्र सिंह ठाकुर, डा. साहिल ठाकुर, निशांत ठाकुर, अजेंद्र प्रताप सिंह, चंदन सिंह ठाकुर, मेला राम चंदेल, चंदन सिंह चंदेल, जितेंद्र ठाकुर, जसवंत ठाकुर, हुकम चंद कश्यप, हरदीप ठाकुर, दिलीप सिंह राणा, केशव ठाकुर, अमित बावा, भगतराम ठाकुर, जसवीर सिंह जस्सी, रणजीत ठाकुर, अशोक राणा, केवल ठाकुर, जसविंद्र सिंह ठाकुर ने संजय लीला भंसाली की फिल्म पदमावती में कुछ सीनों में राजपूतों की बेईज्जती दिखाई गई है। जिसे किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि 1 दिंसबर को रलीज होने वाली इस फिल्म पदमावती को लेकर दिखाए गए सीन गलत है। उनका कहना है कि रानी पदमावती महाराजा रतन सिंह की मौत के बाद सती हो जाती थी लेकिन फिल्म में उसके बाद भी उसके कई सीन दिखाए गए है। जो कि सरासर गलत व आधारहीन है। यही नहीं फिल्म में भीड़ को जुटाने के लिए ऐसा मसाला तैयार किया गया है जिसके वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस फिल्म को बद्दी के थियेटर पर रलीज किया गया तो इसका राजपूत विरोध करेंगे। जरूरत पडऩे पर उन्हें सड़कों पर भी उतने में कोई परहेज नहीं होगा।

    शिव कुमार ठाकुर ने कहा कि इस फिल्म के टा्रयल में कुछ ऐसे सीन दिखाए गए है जिससे राजपूतों की साख पर निशाना बनाया गया है। रानी पदमावती के ऐसे सीन दिखाए गए जिससे राजपूत समाज अपनी बेईज्जती समझता है। उन्होंने निर्माता निदेशक से इन सीनों की हटाने की मांग की है। अगर यह सीन नहीं हटाए गए तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

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