कुल्लू अस्पताल खुद बीमार, सरकार कब करेगी यहां का ईलाज, डाक्टरों के इतने पद खाली

बीके शर्मा। कुल्लू
कुल्लू, मनाली, बंजार व सैंज सहित लाहौल-स्पीति, मंडी व पांगी आदि कुछ क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाला कुल्लू अस्पताल धीरे-धीरे विशेषज्ञों व डॉक्टरों से खाली होता जा रहा है। यहां से एक के बाद एक डॉक्टर स्थानांतरित हो रहे हैं, जिसका खमियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। तीन जिलों की जनता को स्वास्थ्य सुविधा देने वाले कुल्लू अस्पताल में इन दिनों गर्भवती महिलाओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू वर्तमान में विशेषज्ञों की कमी के कारण मात्र आलीशान भवन बन कर रह गया है।

    विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से गरीब तबके के लोगों को खासी परेशान उठानी पड़ रही है, वहीं जिला कुल्लू, मनाली, पतलीकुहल, बंजार, मणिकर्ण व सैंज आदि के अलावा कई दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाएं डेढ़ माह से प्रसव के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर भटकने को विवश हो गई हैं। अस्पताल में 37 पद विशेषज्ञों व डॉक्टरों के पद सृजित हैं। इनमें से 19 पदों पर ही डॉक्टर तैनात है। डेढ़ माह पूर्व कुल्लू अस्पताल में दो स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात थे, लेकिन दोनों विशेषज्ञों को एक साथ कुल्लू अस्पताल से जाना पड़ा। दोनों स्त्री रोग विशेषज्ञों के जाने के बाद कोई अन्य विशेषज्ञ भी डेपुटेशन पर सप्ताह में रूटीन चैकअप के लिए नहीं आ पाया। ऐसे में लोग भारी भरकम खर्च कर निजी क्लीनिक व अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हो गए हैं।

     पिछले डेढ़ माह से कुल्लू अस्पताल में पहुंचने वाली कई गर्भवती व प्रसूता महिलाओं को जिला मंडी के अस्पताल में रेफर किया जा रहा है, परंतु जिले से बाहर जाकर इलाज व प्रसव करवाना परिजनों के लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है। लोगों ने मांग की है कि जब तक अस्पताल में विशेषज्ञ तैनात न हो जाए मरीजों की सुविधा के लिए डेपुटेशन पर चिकित्सकों को बुलाया जाए।

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कुल्लू अस्पताल में 37 पद विशेषज्ञों व डॉक्टरों के पद सृजित हैं। इनमें से अभी तक हमारे पास 19 पदों पर ही डॉक्टर तैनात है। अस्पताल में गायनी विशेषज्ञों की कमी चल रही है, जिस कारण परेशानी आ रही है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। डॉ. कंवरजीत सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू।

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