किसानों का दर्द, बिन बारिश सब सून….कुल्लू में खेत-खलिहान पड़े सूखे

बीके शर्मा। कुल्लू
ज़िला कुल्लू में किसान आसमान की और टकटकी लगाए बैठे है। लेकिन बारिश न होने के चलते लोग परेशान हालत में है। मौसमी पूर्वानुमानों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जल्द अब पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के आसार है। लेकिन तब तक जिला के किसानों-बागबानों को इस दौरान अपनी फसलों को बचाने के लिए पानी के दूसरे विकल्पों को उपयोग में लाना होगा। बीते सितंबर माह के बाद से कुल्लू में किसानों को आसमानी राहत नहीं मिली है। वही, बारिश न होने के कारण किसानों की लहसुन और गोभी की फसल सबसे ज्यादा मटियामेट हुई है। कुछ जगहों पर किसानों के अनुसार हालात कुछ स्थानों पर ऐसे हैं कि बारिश की कमी से लहसुन की बिजाई तक नहीं हो पाई है। वहीं गोभी की फसल भी पानी की कमी के कारण खेतों में ही सूख गई। इसके अलावा बारिश के कारण अब मटर की बिजाई का काम भी लटकने के आसार है।

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      दूसरी ओर अपनी फसल को निपटाकर बागबान भी नई फसल के लिए बागानों को निकलने की तैयारी में है, लेकिन बारिश न होने से ये कोई भी काम आरंभ नहीं कर पा रहे हैं। किसान हरीश, सुरेश, किशन कुमार, भानू, दीप कुमार का कहना है कि पिछले कई सालों से सितंबर से दिसंबर तक ज्यादा सूखा पड़ रहा है और इसके कारण किसानों-बागबानों का शेड्यूल प्रभावित हो रहा है। विशेषकर नवंबर में बीजी जाने वाली मटर की फसल इसके कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। उधर, कुल्लू जिला के उन किसानों-बागबानों को अब सिंचाई के विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है, जहां सिचाई के कुछ साधन मौजूद है। जबकि अन्य उत्पादकों के बाद इंतजार के अलावा कोई भी दूसरा रास्ता नहीं है। कुल्लू जिला के कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डा. केसी शर्मा ने किसानों को ऐसी ही सलाह देते हुए कहा है कि खेतों को सींचने का काम आरंभ कर दें, जिससे फसल को बचाया जा सके और कम प्रभावित हो।

       कुल्लू व लाहुल-स्पीति की वादियां ठंड बढ़ने से लोग ठिठुरने लगे हैं। लाहुल के अधिकतर क्षेत्रों में पारा माइनस पर पहुंचने से लोगों की दिक्कतें भी ठंड ने बढ़ा दी हैं। रविवार को कुल्लू व लाहुल घाटी में दिनभर बादल छाए रहे। इस कारण लोग दिनभर ठिठुरते रहे। दोनों घाटियों में बादल छाने से रोहतांग सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि रोहतांग सहित कुंजुम दर्रे में वाहनों की आवाजाही सुचारु है लेकिन पानी जमने से वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं।

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