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शिमला के छोटे से गांव का बेटे ने बढ़ाया मान, सेना में बना लेफ्टिनेंट

न्यूजघाट टीम। शिमला
तहसील सुन्नी के समीप शाकरा के एक छोटे से गांव ब्रह्मपुरी शाकरा में संतराम शर्मा के घर में पैदा हुए मदन शर्मा ने भारतीय सेना से कमीशन प्राप्त करके लैफिटनैंट पद प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि पर स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों में खुशी की लहर है। मदन मोहन शर्मा ने सेना में भरती होने की प्रेरणा अपने पिता से ली जोकि सेना से नायब सूबेदार के पद से सेवानिवृत हुए। मदन मोहन का कहना है कि वह देश के लिए कुछ करना चाहता था यही कारण रहा कि उसने बचपन में ही ठान लिया था कि वह सेना में ही भर्ती होगा।

    मदन मोहन ने बताया कि उसकी प्रारम्भिक शिक्षा केंद्रिय विद्यालय काम्टी नागपुर से हुई और नागपुर विश्वविद्यालय से सिवील इंजीनियरिंग में बीटेक किया। उसने 9 सितम्बर 2017 को भारतीय सेना से कमीशन प्राप्त किया। बचपन से मदनमोहन मेधावी रहे और कक्षाओं में अच्छे नम्बरों से परीक्षा उतीर्ण करते रहे। जीवन में उनके सामने ऐसा मोड़ भी आया जब वह अपनी प्रतिभा को ऐसे क्षेत्र से जोड़ सकते थे जहां पर अपार दौलत के साथ तमाम सुख सुविधायें और सम्मान प्राप्त होता, लेकिन बचपन में देशसेवा का सपना संजोये मदनमोहन ने सेना में जाने के अपने लक्ष्य को चुना। मदनमोहन बताते हैं कि सेना में जाना देश के सामने खड़ी चुनौतियों का सामना करना है जोकि कभी भी आसान नहीं होती। सेना एक ऐसा पेशा हैं जहां पर हर जवान अपनी प्रतिभा के साथ साथ अपने प्राणों को भी देश के लिए न्यौछावर कर देता है। उसके अनुसार यह भावना जन्मजात होती है मगर इसे दिशा देने का काम अभिभावक ही करते हैं यही कारण रहा कि उसकी माता निर्मला शर्मा जोकि एक अच्छी गृहिणी रही है उन्होंने उनमें देश के प्रति भावना को उत्कर्ष तक ले जाने का जज्बा भरा।

    उसके पिता तो आर्मी में रहे ही थे तो मदनमोहन ने सेना की चुनौतियों को बचपन में ही भली भांति समझ लिया था। मदनमोहन बताते हैं कि वह शाकरा के एक ब्राह्मण परिवार से आते हैं ऐसे में प्रसिद्ध कथावाचक और ज्यौतिष कर्मकांड के मर्मज्ञ उनके चाचा रामेश्वर शर्मा ने भारतीय परंमरा के उच्च आदर्शों की प्रेरणा उनको प्रदान की जिस कारण मदनमोहन ने अपना नैतिक स्तर हमेशा ही उन्नत पाया। लैफिटनैंट बनने के बाद गांव में भी इसे लेकर उत्साह का माहौल है क्योंकि उस क्षेत्र से किसी की यह पहली ही उपलब्धि रही है। उसके परिवार के सदस्यों मतिधर, लायकराम, गंगाराम, तेजराम शर्मा, सोमकृष्ण और हेमंत शर्मा ने उसके पदग्रहण करने पर उसको शुभकामनायें दी है।

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