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ये मां करती रही कुल्लू बस स्टैंड पर इंतजार, पर 3 बच्चे हो गए मंडी हादसे का शिकार

नितेश सैनी। बीके शर्मा। मंडी। कुल्लू
मंडी जिला के कोटरोपी में पेश आए भयानक हादसे ने बहुत से परिवारों को कभी न भूलने वाले जख्म दे डाले है। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन बच्चे दब गए हैं। तीनों बच्चों की मां रो-रो कर बुरा हाल है। यह विधवा मां भी अपने तीन जिगर के टुकड़ों को तलाशने के लिए कोटरोपी पहुंची है। बताया जा रहा है कि पहले पति को सड़क हादसे में खो दिया था। अब दो बेटियों समेत बेटा मलबे के ढेर में लापता है। मौके पर हर कोई विधवा महिला के बच्चों सलामती की दुआ कर रहा है। मगर चमत्कार की भी उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

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      कुल्लू के रामशिला की माली देवी को क्या मालूम था कि कुल्लू के बस स्टैंड पर वह जिस बस का इंतजार कर रही है, वह कभी नहीं आएगी। माली देवी तीन वर्ष पहले एक सड़क हादसे में अपने पति को खो चुकी है। उनके जीने का सहारा उनकी दो बेटियां और एक बेटा ही था। चंबा की रहने वाली माली देवी कुल्लू में एलआईसी में जॉब करके अपना और अपने परिवार का पेट पाल रही थी। माली देवी की दो बेटियों मुस्कान और पलक व बेटा अरमान छुट्टियां मनाने चंबा अपने दादा-दादी के पास गए हुए थे। यह बच्चे अपनी चाची गीता के साथ चंबा से मनाली जा रही एचआरटीसी की बस में वापिस अपनी मां के पास आ रहे थे। मां कुल्लू बस स्टैंड पर अपने बच्चों को लेने पहुंची थी। जब बस नहीं आई तो पता किया कि कहीं बस मनाली तो नहीं चली गई। पता चला कि बस कोटरूपी के पास भूस्खलन की चपेट में आ गई है। इसके बाद तो माली देवी के पैरों तले जमीन ही खिसक गई।

     माली देवी अपने रिश्तेदारों के साथ कोटरूपी पहुंचकर अपने जिगर के टुकड़ों का इंतजार कर रही है। माली देवी के सिर से पति का साया पहले ही उठ चुका है और अब बच्चों के भी बिछुड़ने के गम ने माली देवी को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है। इस हादसे में अभी तक माली देवी के बच्चों का पता नहीं चल सका है और उनकी तलाश जारी है। सीएम ने इन बच्चों की मां से मुलाकात की और मदद का भरोसा दिया। इस दौरान रोती बिलखती इस महिला ने मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई। महिला ने बताया कि उसके तीन बच्चे मलबे में दब गए, लेकिन उनका अभी तक कोई अता-पता नहीं लगा है, जिनमें दो बेटियां व एक बेटा शामिल है।

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