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चीख पुकार से गूंजी मंडी, मौत बनकर दरकी पहाड़ी, खौफनाक हादसे के बाद लग रहे लाशों के ढेर

नितेश सैनी। मंडी
पठानकोट-मंडी नैशनल हाईवे-154 पर उरला-जोगिंद्रनगर के पास कोटरोपी में पहाड़ी मौत बनकर दरकी है। जिससे यात्रियों से भरी दो बसों और कई वाहन मलबे में दफन हो गए। इस हादसे में 4 घर क्षतिग्रस्त हो गए। यहां चंद सेकेंड में तबाही का जो भयानक मंजर देखने को मिला, उसे बयां करना कठिन है। घटना शनिवार रात 1:00 बजे के आसपास की बताई जा रही है। अब तक 18 लोगों के शव मिल चुके हैं और उनकी पहचान की जा रही है। वहीं 50 से ज्यादा लोगों के दबे होने की आशंका है। जिनके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

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     सेना और एनडीआरएफ की टीमें रेस्कयू में लगी हुई हैं। इसके साथ ही चंबा से मनाली जा रही बस (एचपी73-4423) की भी पहचान हो गई है, इसका ड्राइवर चंदन शर्मा मंडी का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि कंडक्टर की पहचान सतपाल को तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि चंबा से मनाली के लिए 10 सवारियां बैठी थी, इसके साथ ही कुछ लोग पालमपुर से भी बस में सवार हुए थे। बताया जा रहा है कि कोटरोपी में दो बसें रात को चाय पानी के लिए रुकी थीं। इसके अलावा कई और वाहन भी यहां पर खड़े थे। जैसे ही ऊपर से पहाड़ी दरकी दोनों बसों के अलावा वहां पर खड़े कई और वाहन भूस्खलन की चपेट में आ गए। एचआरटीसी की बसों में एक कटड़ा-मनाली रुट पर जा रही बस थी, जिसमें करीब सात यात्री सवार थे।

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     बस के चालक ने ऊपर से मलबा आता देखा और सवारियों को भागने को कहा। वहीं चम्बा से मनाली जा रही बस में हताहतों की संख्या अधिक हो सकती है। ये बस मलबे के साथ एनएच से 1 किलोमीटर नीचे बह गई है। इस बस में 50 से ज्यादा सवारियां होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जो बस मनाली से कटड़ा जा रही थी, उसमें करीब 8 लोग सवार थे। इनमें से दो छा़त्राओं के शव बस के ऊपर गिरे। कई शव मलबे को हटाने के बाद बरामद हुए, जबकि चालक व परिचालक सहित 5 लोग पहले ही बाहर निकलने में कामयाब रहे। जिन्हें घायल हालत में अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया।

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