गुड़िया गैंगरेप-मर्डर केस: संदिग्ध ईशान ने CM वीरभद्र सिंह को लिखा पत्र, पढ़िए क्या लिखा?

वीएस पाठक। शिमला
कोटखाई गुड़िया गैंगरेप व हत्याकांड मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। इस बहुचर्चित मामले में संदिग्ध चल रहे ईशान चौहान ने राज्य के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक पत्र लिखकर अपनी बेगुनाही का सबूत दिया है। ईशान ने पत्र में लिखा है कि वो किसी अमीर घर का बेटा नहीं है और न ही उसके पास कोई बैंक बैलेंस है। उसके पास जो जमीन है, वो बैंक में गिरवी पड़ी है। कोई व्यापार नहीं है और न ही राजनीति में रूचि है। पहचान भी नहीं है।

    ईशान का कहना है कि उसका कसूर सिर्फ इतना है कि उसने मर्डर मामले में गिरफ्तार आशीष चैहान का फोन सुना था। उसका कहना है कि वो उसके गांव का है, इसलिए फोन सुनना गलत नहीं है। उसे यह भी नहीं पता की आशीष का कसूर है कि नहीं। ईशान ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सरकार उसकी सीबीआई जांच करवा ले। यही नहीं लाई डिटेक्टर टेस्ट करवा ले और फिर से एसआईटी गठित करें, जिसमंे पुलिस जनता मीडिया के लोग शामिल हो, वो मिलकर मेरे खिलाफ जांच करंे। उसने कहा कि पुलिस ने उनका डीएनए टैस्ट करवाया है और टीथ एक्सप्रेशन लिए है। गौरतलब है कि ईशान वहीं लड़का है, जिसका 11 जुलाई को गैंग रेप और हत्या मामले में फोटो वायरल हुआ था और शनिवार 15 जुलाई को पुलिस ने हिरासत में लेकर रिपन अस्पताल में मेडिकल करवाया था। ईशान ने जल्दी ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की बात भी कही है।

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ईशान ने ये लिखा पत्र में
– मैं आमिर घर से नहीं, गरीब घर से हूं।
-अपराध में परोक्ष संलिप्तता सत्यापन के लिए पुलिस ने मेरे डीएनए सहित अन्य कई मेडिकल टेस्ट भी करवाए है, किंतु अपराध में अपरोक्ष सहयोग की पुष्टि के लिए मेरा तुरंत हो लाई डिटेक्टर मशीन से टेस्ट।
-जब तक निर्भया जघन्य अपराध की जांच से पीड़ित पक्ष व आम जनता सहमत नहीं हो जाती, तब तक में स्वेच्छा से जेल की सलाखों के पीछे रहना चाहता हूं। दूसरा यह की मैं साक्ष्य को नष्ट करने का पब्लिक की नजरों में दोषी न बनू।
-जब तक सीबीआई आती है, शायद 15 दिन लग जाएंगे। उससे पहले हिमाचल पुलिस पुलिस करे एक एसआईटी गठन, जिसमें शामिल हो मिडिया, पीड़ित पक्ष व समाजिक संगठन के सदस्य। जांच का हर अंश हो और सार्वजनिक हो।

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