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बड़ी खबर : CID सुलझाएगी वन रक्षक होशियार सिंह की हत्या या आत्महत्या की गुत्थी, जांच शुरू

वीएस पाठक। शिमला
जिला मंडी के करसोग वन मंडल के वन रक्षक होशियार सिंह ने आत्महत्या कैसे की और वह पेड़ पर कैसे लटका। वन रक्षक खुद आत्महत्या करने के लिए पेड़ पर लटका या फिर उसका कत्ल कर उसे पेड़ पर लटका दिया गया। वन रक्षक की मौत पर पड़े इस रहस्य का पर्दा उठाने के लिए सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। वन रक्षक के आत्महत्या व हत्या की अनसुलझी पहेली को सुलझाने के लिए सीआईडी की एसआई टीम दो दिनों से मौके का निरीक्षण कर जांच पड़ताल कर रही है। सीआईडी के एसपी क्राइम अशोक कुमार के नेतृत्व में सात सदस्यीय जांच टीम इस मामले की गंभीरता से छानबीन कर हर पहलू को खंगालने में जुटी हुई है। सीआईडी की टीम में एक डीएसपी, एक इंस्पेक्टर, दो सब इंस्पेक्टर, एक हैड कांस्टेबल व दो कांस्टेबल शामिल है। सीआईडी का यह जांच दल मौके पर जहां गहनत से जांच पड़ताल कर रहा है।

    वहीं वन रक्षक मौत मामले में एक दर्जन लोगों से पूछताछ कर उनके ब्यान भी कलमबद्ध कर चुका है। सीआईडी का दावा है कि इस मामले पर जल्द ही खुलासा हो जाएगा कि वन रक्षक की हत्या हुई है या फिर आत्महत्या की गई है। सीआईडी की टीम मौके पर जाकर हर पहलु को खंगाल कर जांच पड़ताल करने में जुटी है । गौरतलब है कि करसोग उपमंडल के वनरक्षक मौत मामले में अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि होशियार सिंह की मौत कैसे हुई है। अब तक इस मामले में हुई पुलिस जांच में शक की सूई आत्महत्या पर ही अटकी रही, क्योंकि पुलिस को वन रक्षक की मौत मामले में दो सोसाइड नोट भी बरामद हुए है, जिसके आधार पर पुलिस आत्महत्या मानकर ही जांच कर रही थी। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठता देख इस मामले को जांच के लिए सीआईडी के सुपुर्द किया गया है। अब सीआईडी जांच में वन रक्षक की मौत पर पड़ा रहस्य का पर्दा उठता है या नहीं ये सीआईडी जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। बहरहाल सीआईडी इस मामले में गंभीरता व हर पहलू को खंगाल कर जांच कर रही है।

सीआईडी का प्रयास, दो दिन तक कहां था वनरक्षक
सीआईडी ये जानने का प्रयास कर रही है कि होशियार सिंह मरने से पहले दो दिन तक कहां था। वन रक्षक की मौत मामले में सीआईडी इस कड़ी को जोडने में लगी है। सीआईडी होशियार सिंह के मोबाईल कॉल डिटेल को भी खंगाल रही है। सीआईडी कॉल डिटेल से ये पता लगाना चाहती है कि वन रक्षक की मौत से पहले उसके मोबाईल पर किस-किस के फोन आए।

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वन रक्षक की मौत नहीं की गई हत्या-परिजन
भले ही वन रक्षक की मौत मामले को सीआईडी या पुलिस आत्महत्या मान कर चली हो, लेकिन होशियार सिंह के परिजन व करसोग के निवासी इस मामले को हत्या करार दे रहे है। होशियार सिंह के परिजनों व करसोग निवासियों का कहना है कि वन माफिया द्वारा बड़े ही सुनियोजित तरीके से होशियार सिंह की हत्या की गई है। बहरहाल पुलिस इस मामले में बिसरा व फारेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है ।

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सीआईडी जांच के लिए सवाल, आत्महत्या करने के लिए पेड़ पर क्यों चढा वन रक्षक
करसोग वन मंडल के वन रक्षक की मौत मामले मंे सीआईडी के लिए सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वन रक्षक आत्महत्या करने के लिए पेड़ पर क्यों चढा और कैसे खुद ही उल्टा लटक गया। होशियार सिंह मौत से पहले दो दिन तक कहां रहा। क्या उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। पुलिस को होशियार सिंह मौत के मामले में उलझे इन सवालों पर पहले पर्दा उठाना होगा।

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