यहां 2 महीनों से नलों में नहीं टपका पानी, कुंभकर्णी नींद सोए है IPH के अधिकारी

नितेश सैनी। गोहर (मंडी)
विकास के दावे करने वाले बड़े बड़े नेता अपना गुणगान करते नहीं थकते,  लेकिन हिमाचल प्रदेश में जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी सुविधा हर इंसान का मौलिक अधिकार है। लेकिन जब लोगों को पीने का पानी तक मुहैया कराने में सरकार विफल हो जाये तो इसे क्या कहा जाये। पानी की समस्या का हल वीरभद्र सरकार प्रदेश के किसी भी कोने में नहीं कर पाई है। और हर क्षेत्र में लोग बिना पानी और कुछ जगह गंदा पानी जीने को मजबूर है।

     कुछ ऐसा ही वाकया देखने को मिल रहा है मंडी जिला की गोहर खंड कि नौंण पंचायत के कोट गांव में जहा पिछले 2 महीनो से ग्रामीण बिना पानी जीने को मजबूर है। ग्रमीणों का कहना है कि पिछ्ले करीब 2 महीनो से कोट गांव में पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। विभाग के आला अधिकारियों को समस्या के बारे में बहुत बार अवगत करवाया लेकिन आज तक पानी की समस्या का हल नहीं हो पाया है। लोगों की मानें तो पिछले 2 महीने से इनके नलकों से पानी की एक बूँद तक नहीं टपकी है। बच्चे बिना नहाए स्कूल जा रहे हैं। उनकी वर्दियां और कपड़े धोना भी मुश्किल हो गया है।

     लोगो का कहना क्षेत्र के जल वाहकों को भी कई बार इस समस्या की सुचना दी गई है,  लेकिन उन के द्वारा भी समस्या का हल नहीं किया गया। और सरकार के नेता जब वोट होते है तो हर प्रकार का बादा करते है की आप की हर समस्या का हल किया जायेगा लेकिन आज सरकार के वो नेता कहा है जो लोगो से जूठे वादे कर सत्ता संभाल रहे है। और लोगो का कहना है की लोगो को दूर दूर से पानी लाना पड़ रहा है लेकिन वो पानी भी गंदा है।

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