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भवन नियमिकिरण के लिए हो वन टाईम सेटलमेंट पॉलिसी

न्यूजघाट टीम। शिमला
उप नगरीय जन कल्याण समन्वय समिति व शिमला नागरिक सभा ने आरोप लगाया कि सरकार भवनों को नियमितिकरण के नाम पर बिल्डरों को लाभ पहुंचा रही है। समिति का कहना है कि सरकार शिमला में मर्जड एरिया के भवन मालिकों से नियमितिकरण की एवज में मोटी रकम वसूल करने पर अड़ी हुई है। समिति ने भवन नियमित करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाने की मांग की है। शुक्रवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में उप नगरीय जन कल्याण समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्रपाल मेहता व उपाध्यक्ष गोविंद चतरांटा ने कहा कि सरकार ने भवन नियमित करने के लिए जो पॉलिसी बनाई है, वह अव्यावहारिक है। सरकार इस पॉलिसी में गैर जरूरी शर्ते लगा कर लोगों के भवन नियमित करवाना चाहती है।

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     उनका कहना है कि राजधानी में करीब 50 हजार भवन मालिक है। इनमें केवल 8722 लोगों ही अपने भवनों को नियमित करने लिए आवेदन किए है। चतरांटा ने कहा कि सरकार भवन मालिकों से एक ओर टैक्स की वसूली कर रही है और दूसरी ओर भवनों को अवैध बता रही है। वर्ष 2015-16 में शहर के लोगों ने करीब 22 करोड 96 लाख रूपए की टैक्स जमा किया है। ऐसे में भवन मालिकों के लिए सरकार भवन नियमित करने के लिए एकमुश्त छूट देने की मांग की है।

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