पांवटा साहिब: भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते नप अध्यक्ष-उपाध्यक्ष से लिया समर्थन वापिस

अशोक बहुता। पांवटा साहिब
पांवटा साहिब भाजपा समर्थित नगर पालिका से पार्षद संजय सिंघल ने समर्थन वापिस ले लिया है। इस बारे में उन्हांेने डीसी सिरमौर व ईओ पांवटा को पत्र लिख कर अवगत करवा दिया है। पांवटा साहिब में भाजपा समर्पित नगर परिषद अध्यक्षा और उपाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पांवटा नगर परिषद पिछले एक वर्ष में लावारिश हालत में पहुंच गई है। ठेकेदारों को मनमाने रेट पर कार्य दिए जा रहे है, जिससे नगर परिषद को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

      उन्होंने कहा कि षड़यंत्र के अंर्तगत तहबाजारी के प्लाट को दुकान में परिवर्तित करके दुकान में तबदील कर दिया है। अध्यक्षा कृष्णा धीमान और उपाध्यक्ष नवीन शर्मा की मनमानी के कारण पांवटा के विकास कार्य शून्य हो गए है। सफाई व्यवस्था शून्य हो गई है । शहर की शिकायत सुनने वाला नप में कोई नहीं रहा। इतना ही नहीं तहबाजारी नियमों को ताक पर रख कर स्थाई खोखों एव स्थाई शैड़ को दी जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि नगर परिषद का ध्येय शहर को सुधारना नहीं बल्कि शहर को विनाश की और ले जाना है। इस बारे में संजय सिंघल ने उपायुक्त व ईओ को पत्र लिख कर अपना समर्थन वापिस ले लिया है।

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