हिमाचल के काॅलेजों में Mobile बैन पर प्रतिबंध से गुस्से में ABVP

न्यूजघाट टीम। शिमला
प्रदेश के कॉलेजों में सेवानिवृत प्रोफेसरों के पुन: नियुक्त करने व कॉलेजों में फोन पर रोक लगाने के शिक्षा विभाग के फैसले के बाद छात्र संगठन एबीवीपी ने इस फैसले की निंदा की है। बीते दिनों शिक्षा विभाग की बैठक में कॉलेजों में फोन बंद करने व कुछ सोशल साईटस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया था , जिस पर छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है। एबीवीपी की प्रांत मंत्री हेमा ठाकुर ने कहा कि भारत 21वीं सदी की ओर जा रहा है जहां सब कुछ डिजीटल हो रहा है। स्कूलों और कॉलेजों में स्मार्ट क्लास रूम बनाए जा रहे है। उन्होने शिक्षा सचिव के फैसले को गलत ठहराते हुए कहा कि कई विभागों में अधिकारी यहां तक मुख्यमंत्री भी फोन, वटट्स एप्प के माध्यम से लोगों से जुड़ रहे हैं और इस दौर में फोन बैन करने का फैसला सही नहीं है।

     एबीवीपी का कहना है कि कक्षाओं में अध्यापकों व छात्रों का फोन इस्तेमाल करने पर रोक सही है लेकिन कॉलेजों में फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा देना सही नहीं है। एबीवीपी ने इस बात का भी खंडन किया है कि फोन के इस्तेमाल के लिए स्पैशल जोन बनाया जाएगा। उन्होने कहा कि जहां कॉलेज के भवन निर्माण में ही इतनी दिक्कते हों वहां स्पैशल जोन बनाना मुश्किल है। एबीवीपी ने कहा है कि बेतुके नियम बनाने के बजाए छात्रों की समस्याओं को दूर किया जाए और उन्हें मूलभूत सुविधाएं दी जाए।

     प्रांत मंत्री ने कहा कि सभी कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है और मात्र 500 पदों को ही भरा जा रहा है। इसके विपरीत प्रदेश में नए कॉलेज खोले जा रहे हैं। उन्होने कहा कि कॉलेजों को खोलने की तर्ज पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी की जाए और सेवानिवृत प्राध्यपकों को पुन: नियुक्त करना प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। एबीवीपी ने मांग की है कि कॉलेजों में रिक्त पड़े पदों पर जल्द भर्ति प्रकिया शुरू की जाएग।

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