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दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एक आदर्श संस्थान के तौर पर विकसित होगी HPU

न्यूजघाट टीम। शिमला
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को विकलांग विद्यार्थियों के लिए एक आदर्श संस्थान के तौर पर विकसित किया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। कुलपति आचार्य एडीएन वाजपेयी ने एक विशेष बैठक में ये घोषणा करते हुए विश्विविद्यालय के विकलांग विद्यार्थियों की सभी समस्याओं के समाधान के निर्देश भी दिए। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार कुलपति की अध्यक्षता में विकलांग विद्यार्थियों के साथ एक बैठक हुई जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी समस्याएं बताईं।

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      विकलांगता मामलों के नोडल अधिकारी एवं प्रोफेसर अजय श्रीवास्तव की पहल पर हुई बैठक में 20 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा, कुलसचिव डॉ. पंकज ललित, परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. संजीव महाजन और के अन्य अधिकारी शामिल हुए। आचार्य वाजपेयी ने कहा कि विश्वविद्यालय में विकलांग विद्यार्थियों के अधिकार और सुविधाओं की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे और प्रोस्पेक्टस में भी संबंधित सूचनाएं छापी जाएंगी।

      कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों का है और यहां विकलांगता के आधार पर भेदभाव की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि विश्विद्यालय में विकलांग विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई गई है। लाइब्रेरी में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए टॉकिंग सॉफ्टवेयर वाले कंप्यूटर लगाए गए हैं। कई जगह रैंप बनाए गए हैं। विश्विविद्यालय की नई वेबसाइट बनाई जारही है ताकि दृष्टिबाधित व अन्य विकलांगता वाले विद्यार्थियों को दिक्कत न हो। उन्होंने विकलांगता मामलों के नोडल अधिकारी के तौर पर प्रो.अजय श्रीवास्तव के कार्यों की सराहना की। बीएड की छात्रा नेहा ने विद्द्योत्तमा होस्टल से कैम्पस तक बैसाखी के सहारे आने की दिक्कत के बारे में बताया तो कुलपति ने कहा कि विकलांग विद्यार्थियों के लिए वाहन की व्यवस्था करने पर विचार किया जाएगा।

     एमए(अर्थशास्त्र) के दृष्टिबाधित छात्र अनुज कुमार ने लाइब्रेरी में और अधिक सुविधाएं देने मे मांग की। संगीत विभाग के दृष्टिबाधित छात्र मोहित कपूर और अरविंद मालिक ने भी अपनी समस्याओं से कुलपति को अवगत कराया। बीएड के मुकेश कुमार, पीएचडी(हिंदी) की डॉली राणा, और संस्कृत की विद्यार्थी माया देवी ने लाइब्रेरी में विकलांग विद्यार्थियों के लिए आरामदायक कुर्सियां उपलब्ध कराने और उन्हें रिजर्व रखने की मांग की। इसपर अधिष्ठाता अध्ययन ने शीघ्र कार्यवाही का भरोसा दिलाया। पीएचडी (राजनीति विज्ञान) के सतीश ठाकुर ने सभी विभागों में पुस्तकें रखने के लिए लॉकर बनाने की मांग की। बीएड की छात्रा मीरा देवी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद बीएड में विकलांग विद्यार्थियों से फीस वसूली गई।

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