हादसा : पवन ने बहादुरी से बचाई हजारों लोगों की जान

विनोद पाठक । शिमला
आईजीएमसी शिमला में शुक्रवार सुबह बडा हादसा होते होते टल गया। आईजीएमसी में तैनात तकनीकी कर्मचारी पवन ने बहादुरी दिखाकर शहर में रहने वाले हजारों लोगों की जान बचा ली।

     जानकारी के अनुसार आईजीएमसी के कैंसर अस्पताल के समीप स्थित कैंटिन के सिलेंडर में सुबह करीब साढे आठ बजे आग लग गई। सिलेंडर में लगी आग के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कैंसर अस्पताल के वार्डों में दाखिल मरीजों को भी आनन-फानन में बाहर निकाला गया। आग से अफरा तफरी का माहौल बन गया। कैंटिन का स्टाफ भी आग को बुझाने की बजाए मौके से भाग खडे हुए।

     आईजीएमसी में आग पर काबू पाने के लिए लगाए गए यंत्र भी नहीं चले। आग को बढ़ता देख आईजीएमसी में तैनात तकनीकी कर्मचारी पवन सिलेंडर को झाडू से खिंचकर खुले में ले आया। तब जाकर सिलेंडर की आग पर 1काबू पाया जा सका।

     गौरतलब हो कि जहां पर कैंटिन स्थित है, इसके पास ही रेडिएशन के लिए कोबाल्ट रूम बनाया गया है। अगर पवन कुमार बहादुरी दिखाकर सिलेंडर को बाहर न निकालता तो, सिलेंडर फट सकता था। इससे कोबाल्ट रूम को भी नुकसान पहुंचता। यह आईजीएमसी सहित पूरे शिमला में तबाही मचा देता। रेडिएशन से हजारों लोगों की जान जा सकती थी।

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      कैंसर अस्पताल के एचओडी डा. सीम ने बताया कि कैंटिन को हटाने के लिए पहले भी प्रशासन को लिखित में दिया गया है। कोबाल्ट रूम से कैंटिन को कभी भी बड़ा खतरा हो सकता है। उन्होंने माना कि अगर रेडिएशन फैलती तो हजारों लोगों की जान जा सकती थी।

      कोबाल्ट रूम की सेक्रिटरी स्वाति ने बताया कि कैंटिन के लिए शुरू से ही विरोध किया जा रहा है। इसे हटाने के लिए पहले भी लिखित में दिया गया था। मगर कोई कर्रवाई नहीं हुई। उधर आईजीएमसी के प्रिसिपल डा. अशोक ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी।

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