सिरमौर: त्यौहारों के सीजन में परोसा जा रहा मिठा जहर !

न्यूजघाट। नाहन
अगर आप त्यौहारों के सीजन में मिठाई या दूध खरीद रहे हैं, तो जरा सावधानी बसतें। सिरमौर जिले में दूसरे राज्यों से त्यौहारों के सीजन में भारी मात्रा में नकली खेया व सिंथेटिक दूध पहुंच रहा है। त्यौहारों के सीजन के दौरान मिठाई बनाने के लिए कई दुकानदार सिंथेटिक वस्तुओं का प्रयोग करते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

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     नकली खोया तैयार करने के लिए सिंथेटिक पाऊडर के साथ-साथ कई कैमिकल भी प्रयोग किए जा रहे हैं। जो लोगों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। सिरमौर में मिलावटी खोया सप्लाई करने के लिए इस धंधे में लगे लोग चोर रास्तों का प्रयोग कर रहे हैं। नाहन व जिले के अन्य कस्बों से मिलावटी खोया हरियाणा व उत्तर प्रदेश से पहुंचता है।

     जिला सिरमौर के निचले क्षेत्रों में मिलावटी दूध सप्लाई कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। निचले क्षेत्रों में मिलावटी दूध का धंधा खूब फल-फूल रहा है। मिलावटखोरों के हांैसले इतने बुदंल हैं कि पानी के बजाय अब सिंथेटिक पाउडर व स्ट्राच पाउडर से बना दूध सप्लाई किया जा रहा रहा है। इसके अलावा दूध में यूरिया खाद का प्रयोग जमकर किया जा रहा है। जो मनुष्य की हड्डियों के लिए घातक होता है।

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    मिलावटखोरी पर नकेल लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग नाकाम रहा है। हालांकि विभाग द्वारा समय-समय पर छापेमारी कर सैंपल भरे जाते हैं। मगर सैंपल की रिपोर्ट देरी से आने के कारण मिलावटखोर बच निकलते हैं। स्टाफ की कमी भी इस खोरखधंधे पर रोक लगाने के लिए रोड़ा साबित हो रही है। एक खाद्य निरीक्षक ऊपर तीन जिलों कार्यभार है। इसलिए त्यौहारों के सीजन में वह हर कस्बे में जाकर गुणवत्ता की जांच नहीं कर सकते।

    इस बारे में फूड इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि वह मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए नियमित रुप से औचक निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दुकानों व डायरियों से सैंपल भी भरे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिरमौर जिले में नाहन व कालाअंब क्षेत्र से सैपल भरे गए थे। इसकी जल्द रिपोर्ट पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि दुकानदारों को सही मिठाइयां तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। खुले में मिठाइयां न बेचने के लिए भी जागरुक किया गया है।

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