मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दिल्ली में उठाए देवभूमि के मुद्दे, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात

न्यूजघाट टीम। नई दिल्ली। शिमला
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भेंट कर प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं (एनआरडीडब्ल्यूपी) के लिए धनराशि बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की परिकल्पना के अनुरूप प्रदेश सरकार सभी बस्तियों को प्रति व्यक्ति 70 लीटर पेयजल प्रतिदिन उपलब्ध करवाने के लक्ष्य को पूरा करने के समीप है। एनआरडीडब्ल्यूपी के वर्तमान दिशा-निर्देशों व धनराशि में बढ़ोतरी से प्रदेश में इस प्रक्रिया में और तेजी लाई आएगी।

       वीरभद्र सिंह ने कहा कि एनआरडीडब्ल्यूपी में प्रस्तावित सुधारों का हिमाचल प्रदेश के वित्तपोषण पर प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि अधिकतर योजनाएं पूरी होने की कगार पर हैं और राज्य में रसायनिक दूषण की भी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की सभी बस्तियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने के प्रति वचनबद्ध है। विकास बैंक से वित्त पोषण के लिए प्रदेश सरकार ने 3500 करोड़ रुपये का एक परियोजना प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिससे शेष बची बस्तियों को भी पेयजल सुविधा दी जा सके।

      उन्होंने केन्द्रीय मंत्रालय से इस परियोजना को बैंक से शीघ्र स्वीकृति दिलाने के लिए सहयोग व सहायता का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सराहा गया है। राज्य को बड़े राज्यों की श्रेणी में खुला शौचमुक्त राज्य बनाने के लिए प्रथम स्थान पर आंका गया है। 28 अक्तूबरए 2016 को शिमला में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री की उपस्थिति में हिमाचल प्रदेश के खुला शौचमुक्त राज्य बनने की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

      उन्होंने जिला परिषद् और पंचायत समितियों को विकास कार्यों के लिए उदारतापूर्वक धनराशि उपलब्ध करवाने की मांग की, क्योंकि इन निकायों के पास धनराशि सृजित करने के अपने कोई भी संसाधन नहीं हैं। मुख्य सचिव वीसी फारका, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार टीजी नेगी और ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस उपस्थित थे।

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