भाजपा विधायक सुरेश कश्यप की मुसाफिर को नसीहत, बदलें चश्मा

न्यूजघाट टीम । सराहां
गंगूराम मुसाफिर पहले अपना कद देखें, फिर देश के प्रधानमंत्री पर टिप्पणी करें। शायद मुसाफिर को अपना चश्मा बदलने की जरूरत है। केंद्र सरकार के द्वारा प्रदेश को 61 एनएच दिए गए हैं। इसमंे से पांच तो पच्छाद विस् क्षेत्र में हैं। इसके अलावा 6 रेलवे ब्रिज, आईआईएम व एम्स दिए हैं। 72 हजार करोड़ की धनराशि केंद्र ने हिमाचल को दी है। जिसकी 3 किस्तें भी केंद्र ने प्रदेश सरकार को दे दी हैं। प्रदेश सरकार उस पैसे को खर्च ही नहीं कर पा रही है। यह बात पच्छाद के विधायक सुरेश कश्यप ने मुसाफिर द्वारा प्रधानमंत्री की हिमाचल रैली को लेकर दिए ब्यान पर सराहां में पत्रकार वार्ता में कही।

negi
chauhan

        विधायक ने मुसाफिर पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल को इतना दिया है कि कांग्रेस पिछले 60 साल में भी नहीं दे पाई। विधायक ने कहा कि आज देश ही नहीं विदेशों में भी प्रधानमंत्री का मान-सम्मान किया जाता है, जो प्रत्येक देश वासी के लिए गर्व की बात है। विधायक ने कहा कि मृग मृगतृष्णा छोड़ दें कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी। कश्यप ने व्यंग्य भरे शब्दों में कहा कि इस बार का आंकड़ा मुश्किल से 60 व 8 का होगा और कांग्रेस चरों खाने चित होगी। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने बेरोजगारों के साथ भद्दा मजाक किया है। बेरोजगारी भत्ता केवल चुनावी घोषणा पत्र तक सीमित रह गया। जिसका जवाब प्रदेश के युवा आगामी विस चुनाव में देगंे। किसानों के लिए प्रदेश सरकार के पास कुछ नहीं है। कर्मचारियों को ट्रांसफर कर प्रताड़ित किया जा रहा है।

       उन्होंने कहा कि मुसाफिर केंद्र की चिंता छोड़ पच्छाद के विकास पर ध्यान दें। जहां डाक्टरों की कमी से लोग परेशान हैं। सड़कों से तारकोल गायब हो चूका है। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों के मुसाफिर शिलान्यास कर रहे हैं। वह केंद्र सरकार की ही देन है। कश्यप ने कहा कि जिस खनागन पेयजल योजना का 28 अक्टूबर को वह शुभारंभ करने जा रहे हैं। उसका लोकार्पण पहले हो चुका है। खनागन गांव पहले से ही पेयजल योजना से जुड़ चुका है। कश्यप ने कहा कि पुरानी स्कीमों का उदृघाटन करने कि बजाए पच्छाद की जनता के लिए नया कुछ करें। ब्यान बाजी से पच्छाद की जनता का विकास नहीं होने वाला है। इस मौके पर सुरेंद्र नेहरू, नरेंद्र कुमार व विष्णु दत्त के अलावा कई लोग मौजूद थे।

Facebook Comments
vishal-garments

Related posts