बड़ी खबर : मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र में DSP ने SDM को पुलिस सहायता देने से किया इंकार! मांगा लिखित पत्र

न्यूजघाट टीम। रामपुर बुशहर
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के गृह क्षेत्र रामपुर में खनन माफिया पर पुलिस की ढील का नजारा आईने की तरह उस वक्त साफ नजर आया, जब प्रशासन के आदेशों पर पुलिस अधिकारी ने लिखित तौर पर पुलिस जवान उपलब्ध करवाने की बात कर डाली। लिहाजा प्रशासनिक अधिकारी को खुद खनन माफिया पर कार्रवाई करने पहुंचना पड़ा। इस घटनाक्रम के बाद एसडीएम व पुलिस के बीच आपसी विवाद पैदा हो गया है।

      घटना मंगलवार शाम की है। दरअसल मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र रामपुर में खनन माफिया पर शिकंजा कसरने के लिए एसडीएम ने पुलिस सहायता के लिए डीएसपी से पुलिस जवान भेजने को कहा था। जानकारी के अनुसार एसडीएम ने मंगलवार सांय अंधेरा होने के चलते पुलिस जवान अभियान में साथ ले जाने का प्रयास किया। मगर डीएसपी ने सहायता के लिए तुरंत पुलिस जवान देने की बजाए जवानों की आवश्यकता बारे लिखित में एसडीएम से पत्र भेजने की बात कहीं। इ स सारे घटनाक्रम के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठनी शुरू हो गई है।

राजनीतिक माहौल गर्माया
इस घटनाक्रम के बाद डिविजनल मैजिस्ट्रेट को भी पुलिस सहायता के लिए लिखित में मांग को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमाने लगा है। लोग पुलिस की कार्यप्रणाली को अब शक की नजर से देख रहे है। लोगों की समझ में यह बात नहीं आ रही है कि एक उपमंडलाधिकारी को पुलिस ने सहायता प्रदान करने से कैसे मना कर दिया।

क्या कहते हैं एसडीएम?
एसडीएम रामपुर निशांत ठाकुर ने बताया कि उन्हें मंगलवार शाम सतलुज नदी से निरमंड मार्ग के समीप बजीर बाउंडरी नाम स्थान पर अवैध खनने की शिकायत मिली थी। इस पर उन्होंने दो बार पुलिस को फोन कर पुलिस जवानों को भेजने को कहा। साथ ही कहा कि 10 मिनट में वह खनन माफिया पर कार्रवाई करने के लिए निकल रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि इसके बाद जैसे ही वह थाना में पहुंचे, तो बताया गया कि डीएसपी की तरफ से कहा गया है कि एसडीएम साहब से इस बारे में लिखित रूप में मांगे, तभी पुलिस को भेजा जाएगा।

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       एसडीएम के मुताबिक इसके बाद वह पुलिस के बगैर ही एक होमगार्ड समेत मिशन पर निकल गए। उन्होंने बताया मौके पर दो टिप्पर पकडे है। एक टिप्पर वाले ने मौके का फायदा उठाते हुए जल्द ढाला खोल रेत गिरा दिया, लेकिन टिप्पर के कागजात न होने पर उसे बाउंड किया गया। दूसरा टिप्पर रेत के साथ पकड़ा है। एसडीएम ने बताया कि इस तरह पुलिस के असहयोग से माफिया पर योजनाबद्ध नुकेल कसना मुश्किल हो सकता है। एसडीएम निशांत ठाकुर का कहना है कि वे अपने दायित्व को निभाने के लिए हरवक्त तत्पर है। अगर वे पुलिस के रवैये का इंतजार करते तो तब तक खननकर्ता रफूचक्कर हो जाते। इस तरह के अभियान में ततपरता से ड्यूटी निभाना ही कर्तव्य है।

क्या कहते हैं डीएसपी?
उधर डीएसपी रामपुर सोम दत्त का कहना है कि रामपुर थाने में पुलिस कम थी। उन्होंने बताया कि अगर इस बारे पहले सूचना दी जाती, तो उस हिसाब से दूसरी जगह से पुलिस का बंदोबस्त करते। उनकी प्राथमिकता है कि कानून व्यवस्था हर समय बनी रहे। जब एसडीएम की ओर से पुलिस की मांग की गई, तब थाने से पुलिस अन्य स्थानों पर जरूरी अभियान पर थी।

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