बच्चा अदला-बदली का मामला, नर्सिंग एसोसिएशन ने की IAS अधिकारी से जांच करवाने की मांग

न्यूजघाट टीम। शिमला
केएनएच में बच्चा बदलने के मामले में पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई से नाराज नर्सों ने लगातार दूसरे दिन भी बैठक कर अपना रोष जताया। उन्होंने मामले की छानबीन में भेदभाव करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने सीएम से आग्रह किया कि मामले की जांच आईएएस अफसर से करवाने की मांग उठाई है।

      वीरवार को केएनएच अस्पताल में हिमाचल प्रदेश स्टेट नर्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष भावना ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में एसोसिएशन में पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस की ओर से की गई छानबीन से वह संतुष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाए कि इसमें दोषी डॉक्टर को बचाया जा रहा है। मामले में केवल महिला कर्मियों को ही निशाना बनाया जा रहा है। बैठक में संघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष शांता चैहान व महासचिव कल्पना समेत कई नर्सें मौजूद रही।

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न्यायालय जाएंगी एसोसिएशन
बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि यदि पुलिस का छानबीन में यही रवैया रहा तो नर्सिंग एसोसिएशन न्यायालय में भी इसके लिए गुहार लगाएगी और मामले की बारीकी से जांच करवाने का आग्रह करेगी। इस अवसर पर नर्सिंग एसोसिएशन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा को भी ज्ञापन सौंपा तथा मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई।

परिवार के प्रति जताई संवेदना
बैठक के दौरान नर्सिंग एसोसिएशन ने इस पूरे प्रकरण में जो दो परिवार मानसिक प्रताड़ना का शिकार हुए हैं, उनके प्रति संवेदना भी जताई। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन को इस बात का मलाल है कि इसमें भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। अब तक जो भी कार्रवाई हुई है, वह केवल छोटे कर्मचारियों पर हुई है, जिसकी जबावदेही है, उन्हें अभी तक छेड़ा नहीं गया है।

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बुधवार को भी हुई थी बैठक
इससे पहले नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गत बुधवार को भी केएनएच मामले पर वहां पहुंचकर आपातकालीन बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने केएनएच में बच्चा बदलने के मामले में पूरी जानकारी ली तथा मामले में हुई कार्रवाई पर भी नाराजगी प्रकट की। उसके बाद नर्सिंग एसोसिएशन प्रशासनिक अधिकारियों से मिली। उन्होंने रोष जताया कि मामले में एक कांट्रेक्ट के तहत लगाई गई नर्स व दूसरी मिड वाइफ पर कार्रवाई की गई है। जबकि इसमें जबावदेही डॉक्टर की भी बनती है। उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मामले में पुलिस के खिलाफ भी रोष जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। जबकि इसमें मामले में संलिप्त पूरी टीम पर कार्रवाई होनी चाहिए थी।

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