देवभूमि हिमाचल में दो लाख फर्जी राशन कार्ड

न्यूजघाट टीम। हमीरपुर

सूबे में दो लाख राशनकार्ड फर्जी पाए गए हैं। राशनकार्डों को डिजीटल करने की प्रक्रिया के दौरान यह आंकड़े सामने आए हैं। फर्जी राशनकार्ड धारकों पर शिकंजा कसने को प्रदेश सरकार और विभाग ने राशनकार्ड ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की है। वर्ष 2017 से उपभोक्ताओं को डिजीटल राशनकार्ड के माध्यम से राशन की आपूर्ति की जाएगी।

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         सूबे में कुल 18 लाख 24 हजार 361 राशनकार्ड धारक हैं। इनमें से करीब दो लाख राशनकार्ड फर्जी हैं। ऐसे में सूबे में करीब 16 लाख राशनकार्ड ही ऑनलाइन होने के लिए शिमला निदेशालय पहुंचेे हैं। डिजीटल राशनकार्ड एटीएम कार्ड की तरह होंगे। इसे डिपो होल्डर स्वैप मशीन से स्वैप करेंगे। स्वैप मशीन का कंट्रोल शिमला निदेशालय से होगा। जैसे ही डिजीटल राशनकार्ड स्वैप मशीन से स्वैप होगा तो डिजीटल राशनकार्ड की पूरी डिटेल शिमला में अप्डेट होगी।

        इतना ही नहीं शिमला में साफ्टवेयर से यह भी पता चल जाएगा कि किस डिजीटल राशनकार्ड पर कितना राशन मिल चुका है, कितना राशन पेंडिंग चल रहा है। डिजीटल राशन कार्ड से कोई दूसरा परिवार डिपो से राशन नहीं उठा सकेगा। इससे फर्जी राशनकार्ड कम होंगे, वहीं उपभोक्ताओं को भी राशन आयानी से उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा डिजीटल राशनकार्ड शुरू होने से डिपो होल्डरों का भी रिकॉर्ड मेंटेन करने का बोझ हल्का होगा। स्वैप मशीन से सारा रिकॉर्ड अपने आप शिमला निदेशालय भेज देंगी।

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      उधर, खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली का कहना है कि 2017 से डिजीटल राशनकार्ड से राशन मिलना शुरू हो जाएगा। डिजीटल राशनकार्ड बनाने के प्रक्रिया से करीब दो लाख राशनकार्ड कम हुए हैं।

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