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अब Single Shift में चलेगा 233 साल पुराना नाहन का Boys School, क्यों उठाना पड़ा कदम? पढ़े

सुबह के सैशन में ही लगेगी जमा एक व दो की कक्षाएं, 30 सालों बाद बदला टाईम टेबल
न्यूजघाट टीम। नाहन
हिमाचल निर्माता डा. वाईएस परमार, पूर्व राज्यपाल अश्वनील सहित कई अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय हस्तियों को देने वाले देवभूमि हिमाचल के सबसे पुराने स्कूलों में से एक नाहन का शमशेर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल (छात्र) अब सिंगल शिफट में ही चलेगा। अब तक इस स्कूल में डबल शिफट में कक्षाएं चल रही थी। सुबह के सैशन में छठी से 10वीं तक की कक्षाएं, जबकि दोपहर के सैंशन में जमा एक व दो की कक्षाएं आयोजित की जा रही है। रक्षा बंधन के बाद 19 अगस्त से स्कूल में दोनों शिफट सुबह के सैशन में ही लगाई जाएंगी। अब तक स्कूल का समय सुबह 8 से शाम 5 बजे तक था, लेकिन नए टाईम टेबल के अनुसार सिंगल शिफट में सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक कक्षाएं लगेंगी।

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30 स्कूल के बाद बदला टाईम टेबल
क्रीब 30 सालों के बाद स्कूल के टाईम टेबल में बदलाव किया गया। दरअसल जुलाई 1986 में स्कूल को जमा दो का दर्जा मिला था। इसके बाद स्कूल दो शिफटों में चलने लगा। मगर अब 30 साल के बाद छठी से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं एक साथ लगेंगी।

क्यों उठाना पड़ा कदम?
सूत्रों की मानें तो कुछ समय से स्कूल में बच्चों की संख्या कम हुई है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि नाहन व इसके आसपास कई स्कूलों को जमा दो का दर्जा मिल गया है। साथ ही दोपहर का समय भी ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बच्चों को सही नहीं बैठता था। स्कूल में बच्चों की कमी के ये दोनों प्रमुख कारण मानें जा रहे हैं। इस समय स्कूल में 800 के लगभग बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जबकि इस स्कूल की संख्या 1200 से लेकर 1300 के लगभग रहती थी।

30 अप्रैल 1783 में आया था वजूद में
स्कूल के इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो यह स्कूल सबसे पुराने स्कूलों में से एक है। शमशेर स्कूल 30 अप्रैल 1783 को वजूद में आया था। 232 साल पहले यह एक पाठशाला के रूप में शुरू हुआ था। बाद में इसे हाईस्कूल का दर्जा मिला। फिर जुलाई 1986 में इसे जमा दो का दर्जा दिया गया।

क्या कहते हैं प्रिंसिपल?
स्कूल के प्रिंसिपल सतीश दुग्गल ने  बताया कि स्कूल को अब सिंगल शिफट में चलाने का निर्णय लिया गया है। अब मोर्निंग के सैंशन में ही कक्षाएं लगेंगी। 19 अगस्त से सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक कक्षाओं का समय रहेगा। उन्होंने माना कि स्कूल में बच्चों की संख्या कुछ कम हुई है।

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