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ऊना के नवनियुक्त डीसी विकास लाबरू ने गिनाई अपनी प्राथमिकताएं

योजनाओं के क्रियान्वयन में जिला को बनाया जाएगा नंबर वन
न्यूजघाट टीम। ऊना
जिला के नवनियुक्त डीसी का कार्यभार संभालने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2004 बैच के अधिकारी विकास लाबरू ने अपनी प्राथमिकताएं भी तय कर दी हैं। विभिन्न कल्याणकारी व विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करके जिला को पूरे प्रदेश में अव्वल पोजीशन दिलवाना उनकी खास प्राथमिकता है। इसकेे अलावा मुख्यमंत्री द्वारा जिला में की गई घोषणाओं को भी तेजी से अमलीजामा पहनाया जाना वह सुनिश्चित करेंगे। प्रशासनिक कामकाज में और अधिक गतिशाीलता व पारदर्शिता लाने पर भी उनका फोकस रहेगा।

      शुक्रवार सांय ऊना में अपना कार्यभार संभालने वाले जिला के नए डीसी विकास लाबरू ने आज यहां बताया कि जिला में लिंगानुपात बेहतर करने की दिशा में स्पैशल मुहिम चलाई जाएगी। चोरी छिपे लिंग निर्धारण का काम करने वाले अल्ट्रासाऊंड क्लीनिकों पर कड़ा शिंकजा कसा जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। लिंगानुपात सुधारने के लिए जागरूकता मुहिम भी चलाई जाएगी और फोक मीडिया के जरिए भी जिला के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक व अन्य कार्यक्रमों के जरिए जनजागरूकता लाई जाएगी।

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नशों पर कसी जाएगी नकेल
डीसी विकास लाबरू ने कहा कि सीमावर्ती जिला होने के कारण ऊना काफी संवेदनशील है। यहां सरहदों पर और अधिक चैकसी बरती जाएगी, ताकि नशे के सौदागर जिला में अपने पांव न पसार सकें। नशों के खिलाफ प्रदेश सरकार की जीरो टालरैंस नीति के दृष्टिगत नशों के सप्लायरों और नशा करने वालों के खिलाफ कारगर अभियान चलाया जायेगा। जिला में महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाये जायेंगे।

जिला में पर्यटन का मास्टर प्लान तैयार होगा
लाबरू ने बताया कि ऊना जिला में पर्यटन को निखारने और पर्यटन संभावनाओं का समुचित दोहन करने के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। जिला में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उत्तरी भारत के प्रमुख शक्तिपीठ श्रीछिन्न मस्तिका धाम चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं के लिए और सुविधाएं जुटाई जाएंगी।

तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही
विकास लाबरू ने बताया कि जिला में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्टों की समय-समय पर मानीटिरिंग की जाएगी और इन प्रोजेक्टों को निश्चित समय सीमा में पूरा करने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी समय पर कार्यालयों में आएं, इसके लिए बायोमीट्रिक मशीनों के जरिए हाजिरी लगवाई जाएगी। वह स्वयं विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। विशेष तौर पर वह जिला के अस्पतालों के दौरे करके वहां पाई जाने वाली खामियों को दूर करने के लिए माकूल कदम उठाएंगे।

हैल्मेट लगाना होगा अनिवार्य
डीसी ने कहा कि जिला में दुर्घटनाओं में हर वर्ष कई कीमती जानें चली जाती हैं। जिला के ब्लैक स्पॉट चिन्हित करके उन्हें दुरूस्त किया जायेगा। दोपहिया सवारों के लिए हैल्मेट पहनना अनिवार्य बनाया जायेगा और यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसा जायेगा। जिला में ट्रैफिक मैनेजमैंट को भी चुस्त दुरूस्त किया जायेगा।

लंबा प्रशासनिक तर्जुबा है नये डीसी का
ऊना के नए डीसी का अगर प्रोफाईल देखें तो उन्हें प्रशासनिक कामकाज का लंबा तर्जुबा है। उन्होंने वर्ष 1988 में हिमाचल प्रशासनिक सेवा में पदार्पण किया था और 1989 में कुल्लू के सहायक आयुक्त के तौर पर उनकी पहली तैनाती हुई। वह पांगी, सरकाघाट, कुल्लू में एसडीएमए सिरमौर में एडीएम, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव, प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में रजिस्ट्रार, कंट्रोलर प्रिंटिंग व स्टेशनरी, एडीसी सिरमौर, निदेशक शहरी विकास व टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग और जिलाधीश सिरमौर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऊना में डीसी का कार्यभार संभालने से पहले वह राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के एमडी के अलावा धर्मशाला में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव का कार्यभार संभाले हुए थे।

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