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एक्सक्लूसिव रिपोर्ट: पांवटा साहिब में शराब के सेवन से हुई थी वेद प्रकाश की मौत, रिपोर्ट में खुलासा

न्यूजघाट टीम। पांवटा साहिब
शहर के देवी नगर वार्ड नं. 10 के समीप एक नाले में दिनांक 21 जनवरी 2016 को मिले एक शव की शिनाख्त वेद प्रकाश निवासी कांटी मशवा के रूप में हुई थी। मृतक पंचायत सहायक सचिव के पद पर तैनात था। हादसा कुछ इस प्रकार हुआ कि वह अपनी गर्भवती धर्मपत्नी को डाक्टरांे द्वारा तारीख देने पर दो दिन पहले यानि 19 जनवरी को गांव से यह सोचकर देवीनगर आकर रहने लगा कि गर्भ अवस्था के दौरान पत्नी को अकस्मात दर्द उठ जाने पर वह सही समय पर सिविल हस्पताल पांवटा नहीं पहुंच सकता था। मगर विधाता को कुछ ओर ही मंजूर था। उसे नहीं पता था कि यह उसकी मौत का बुलावा था। साथ ही वह अपने होने वाले बच्चे को भी नहीं देख सकेंगे। यही नहीं नवजात भी अपने पिता को नहीं देख सकेगा।

अब बताते हैं कैसे हुई वेद प्रकाश की मौत ?
19 जनवरी को गांव कांटी मश्वा से आने के बाद वेद प्रकाश पांवटा साहिब स्थित देवी नगर में अपनी साली के यहां रूकने के लिए चला गया। रात्रि में उसने देवी नगर में कहीं बैठकर शराब पी और मौत के मुह में चला गया।

परिजनों को हैं शक
वेद प्रकाश के पास गर्भवती पत्नी के इलाज के लिए तकरीबन 27 हजार रूपए थे और एक कीमती मोबाइल भी था, जिसका आज तक कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने एसपी सिरमौर सहित प्रदेश पुलिस के उच्च अधिकारियों को लिखित में शिकायत दी। साथ ही उस युवक का नाम भी पुलिस को दिया गया, जिसे आखिरी बार वेद प्रकाश के साथ देखा गया था। मगर पुलिस ने न तो आज तक उस युवक से पूछताछ की। न मोबाइल ढूंढा और पैसों के मिलने की उम्मीद तो दूर-दूर तक नजर आज तक नहीं आ रही है। मृतक के भाई ने यह भी शिकायत में स्पष्ट तौर पर लिखा गया था कि उसके भाई वेद प्रकाश की हत्या हुई है।

पुलिस ने क्या किया ?
पुलिस ने प्रथम दृष्टया भी यही अंदाजा लगा लिया कि अधिक नशा करने से वेद प्रकाश की मौत हो गई। साथ ही बिसरा लेकर लैब में भेज दिया।

फोरेसिंक लैब से आई रिपोर्ट
लैब से आई रिपोर्ट में यह तो खुलासा हो गया है कि युवक की मौत अधिक शराब पीने से हुई थी, किंतु यह बात आज तक पता नहीं चल सकी है कि वह शराब कच्ची थी, देसी थी, या जहरीली थी ? यदि जहरीली थी तो पुलिस ने आज तक जहरीली शराब के बारे में क्या कार्रवाई की ? जबकि रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर लिखा हुआ है कि शराब पीने से मौत हुई। यह भी स्पष्ट किया गया है कि शराब के अलावा अैार कोई एल्कोहलिक कंटेंट नहीं पाया गया। शराब की गुणवत्ता को लेकर सवालों का जवाब मिलना अभी शेष है।

पढ़िए, क्या कहना है सीएमओ सिरमौर का ?
इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी संजय शर्मा का कहना है कि दो प्रकार की शराब होती है। मरीज भी दो प्रकार के होते है। एक्यूट व क्रानिक। एक्यूट में व्यक्ति लगातार लंबे समय से शराब पी रहा होता है और अधिक सेवन करने से उसका लिवर डैमेज हो जाता है, जिससे उसकी मौत हो जाती है। वहीं दूसरी ओर क्रानिक शराब होती है, जिसका कोई मीटर नही होता। कितना प्रतिशत एल्कोहल की मात्रा है, उसके लगातार व शारीरिक क्षमता से अधिक सेवन पर भी मौत हो जाती है। इसमें व्यक्ति को वोमटिंग होती है और वोमटिंग के साथ-साथ लंग्स भी जाम हो जाते हैं।

पुलिस कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं
बुधवार को मृतक वेद प्रकाश के परिजनों ने न्यूजघाट को फोरेसिंक लैब से आई रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध करवाई। मृतक के छोटे भाई रणदीप सिंह का कहना है कि उसके भाई का मोबाइल व 27 हजार रूपए की राशि का आज तक कुछ पता नहीं चला। यही नहीं आखिरी बार मेरे भाई के साथ जो युवक देखा गया था, उससे पुलिस ने आज तक पूछताछ नहीं की। रणदीप का कहना है कि उसके भाई की मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई से परिवार बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है। आज भी वह चाहते हैं कि पुलिस इस मामले की तह तक जाए।

बड़ा सवाल
-मौत के बाद युवक की जेब से 27 हजार रूपए की राशि कहां गई।
-मृतक वेद प्रकाश का मोबाइल कहां गया?
-शराब देसी थी, अंगे्रजी थी या कच्ची बिना मानको के बनी हुई या फिर जहरीली?

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