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त्रिलोकपुर पीएचसी में डिम्पी को ईलाज तो नहीं मिला, मिली नसीहतें, हुआ अभ्रद व्यवहार

न्यूजघाट टीम। कालाअंब
कालाअंब से सटी त्रिलोकपुर पंचायत की पीएचसी में इन दिनों ईलाज के नाम पर कर्मचारी आराम फरमा रहे है। यदि कोई भूले से कोई मरीज आ जाए, तो दवाई देना तो दूर उसके साथ अभ्रद व्यवहार किया जाता है। त्रिलोकपुर की 22 वर्षीय डिंपी पुत्री देवी चंद भी कुछ ऐसे ही अनुभव से गुजरना पड़ा। बीते कल जब वह बुखार से तप रही थी, तो त्रिलोकपुर स्थित पीएचसी दवाई लेने पहंुची, तो वहां उसे दवाईयों तो नहीं मिली, बल्कि नसीहतें दे दी गई। जब उसने दवाई देने की बात कहीं, तो उसे बुरा भला कहकर वापस भेज दिया गया।

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      डिंपी ने बताया कि उसे पिछले तीन दिनों से ड्रिप लगी हुई लग रही थी, जिस कारण उसे पीएचसी में करीब दो से तीन घंटे रूकना पड़ता है। एक मरीज के कारण वहां मौजूद बीएमएस डाक्टर ने उसे ये कहकर वापस भेज दिया कि उनका स्टाफ नहीं है। आईवी सैट नही हैं। डीएनएस की कोई बोतल नही हैं। अगर आपकी ड्रिप चार बजे तक नहीं खत्म हुई तो मैं ऑवर टाइम नहीं करुंगी और वो अपने बच्चे की देखभाल करेंगी या उसकी ड्रिप की निगरानी रखेगी कह कर डिंपी को बिना ड्रिप लगाए ही वापस भेज दिया। हैरानी की बात तो यह है कि स्वास्थ विभाग द्वारा करोड़ांे रूपए खर्चे जाने के बावजूद पीएचसी में पर्याप्त दवाईयां मौजूद नहीं है। त्रिलोकपुर के अन्य लोगों की माने तो यही बर्ताव अन्य मरीजों को भी झेलना पडता है।

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      बता दे कि डिंपी को पिछले तीन दिनों से वायरल की शिकायत थी, जिसमें कमजोरी के कारण उसे बार बार ड्रिप लगावानी पड़ रही थी। घर मे कोई देखभाल करने वाला भी नहीं था, जिससे वह पीएचसी में ही आकर ड्रिप लगवा रही थी परंतु पीएचसी की बीएमएस डॉक्टर को उसका बार-बार आना शायद नागवार गुजर रहा था। जिस कारण उसके साथ दुव्र्यवहार किया गया। वहीं दूसरी तरफ पीएचसी की बीएमएस डाक्टर के बारे में जिला मुख्य चिकित्सक संजय शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यदि ऐसी कोई समस्या पेश आ रही है तो लोग इस बारे में लिखित शिकायत कर सकते है, जिस पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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