नाहन में कवियों ने राष्ट्रभक्ति की जलाई अलख, स्वतंत्रता दिवस पर कवि सम्मेलन

न्यूजघाट टीम। नाहन
आओ मिलकर के एक नेक काम करते हैं, मादरे हिंद को हम सब सलाम करते हैं। देश प्रेम में डूबी कुछ ऐसी ही लाजवाब रचनाओं से नाहन नप सभागार गुलजार हुआ। मौका था रोटरी क्लब नाहन द्वारा स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कवि सम्मेलन का। रोटरी क्लब नाहन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कवियों ने खूब रंग जमाया। कवियों ने जहां वर्तमान अव्यवस्थाओं को आड़े हाथों लिया, वहीं दूसरी और देश के विभाजन के दर्द को भी कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी।

     कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डीएफओ डा. प्रदीप शर्मा ने की। जबकि मंच संचालन कवि रामकुमार सैनी ने किया। कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए कवि राम गोपाल वर्मा ने विभाजन के दर्द पर फटा हुआ पन्ना, कविता सुना सबको गमगीन कर दिया। उनकी कविता के बोल देखिए, सरहद के उस पार देखता हूं आज, फटा हुआ एक पन्ना है उदास। युवा कवि श्रीकांत अकेला ने तरन्नुम में देशप्रेम पर वंदेमातरम कविता पढ कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी। उनकी कविता के बोल देखिए, राष्ट्रभक्ति का प्रमाण गान वंदेमातरम, मादरे हिंद की पहचान गान वंदेमातरम। शहर के विद्रोही कवि पंकज तन्हा ने देशभर में मनाए जा रहे स्वतंत्रता के जश्र के बीच भारत मां की पीड़ा को व्यक्त कर श्रोताओं की खूब तालिया बटोरी। उनकी कविता के बोल देखिए, स्वतंत्रता दिवस का बंद करो ये आलाप, शहीदों का उपहास मत करो आप। कौन सी स्वतंत्रता है किसे मना रहे हो, बेवकूफ बना कर मेरा मखौल उड़ा रहे हो। कवि रामकुमार सैनी ने देशद्रोहियों के खिलाफ बरती जा रही सहनशीलता पर कुछ यूं कहा की कि आसूं पी कर बांटू मुस्कान कब तक, मेरी खुशियां ही कुर्बान कब तक।

     नवोदित कवयत्री अंजली त्यागी ने अपने दिल के भाव कुछ यूं प्रस्तुत किए, सुकूने-ए-.दिल को आज लुटा दूं, वो सामने बैठे क्यों हाले दिल सुना दूं। इस मौके पर वरिष्ठ कवि नासिर युसूफजई सहित अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाएं पेश कर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।

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