कालाअंब: सिरमौर प्रशासन महज 5 लाख की मदद करें तो बच सकते हैं दर्जनों उद्योग

न्यूजघाट टीम। कालाअंब
भले ही औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के साल दर साल करोड़ों रूपए का नुकसान उठा रहे उद्योगपतियों को बांकावाड़ा सड़क की सेफ्टी वॉल बनने की प्रक्रिया शुरू होने से थोड़ी राहत मिली है, परंतु मारकंडा नदी में बढ़ रहे जल स्तर को देख दहशत का दौर अभी भी जारी है।

      मंगलवार को अधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक जिला उद्योग विभाग, संजय चैहान ने माना था कि भले ही सेेफ्टी वाल लगा दी जाए, परंतु पानी का बहाव भविष्य में कभी भी दोबारा इस मार्ग को क्षति ग्रस्त कर सकता है। इसके अलावा बाकी की राशी को स्वीकृति हेतु भेजा गया है। परंतु इतना ही नहीं यहां स्थापित उद्योगांे को अब अपने भवनों की फिक्र सताने लगी है, जिसमें साथ लगते स्वास्तिक पेकेज के मालिक विक्की ने बताया कि उनके उद्योग की बाऊंडरी वॉल गिरने के कगार पर है, जोकि कभी भी गिर कर लोगों को क्षति पहंुचा सकती है। जिसमें कई बार वह इसकी मरम्मत तक करवा चुके है। परंतु मारकंडा नदी के पानी की मार जमीन के अंदरूणी सतह को गीला कर रही है, जिससे भूमि धीरे-धीरे नीचे धंसती जा रही है। भले ही सेफ्टी वॉल लगा दी जाए, परंतु जब तक पानी के बहाव का रूख्र नहीं बदला जाएगा, ये समस्या ज्यांे की त्यों बनी रहेगी। इसके अलावा हर साल लाखों के नुकसान में करोड़ों रूपए का नुकसान और जुड़ जाएगा।

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     गौर हो कि कालाअंब जिला उद्योग विभाग ने मंगलवार को इंस्पैक्शन के दौरान सडक व सेफ्टी वॉल के पुर्ण निर्माण हेतु करीब 1 करोड़ 50 लाख रूपए का एस्टीमेट तैयार किया, जिसमें पिछले वर्ष उद्योग विभाग द्वारा सेक्शन 86 लाख रूपए की प्राप्त राशी से कार्य शुरू करवाया गया है, पंरतु मारकंडा नदी के बहाव को राकने व दूसरे स्थान पर पानी का रूख मोडने के कार्य के लिए पांच लाख रूपए के बजट का इस एस्टीमेट में जिक्र नहीं है, जिसके लिए कालाअंब उद्योगपतियों ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

     इस बारे में जिला सिरमौर ड्रग एवं मैन्यूफैक्चरिंग फार्मा एसोसिएशन के जनरल सेकेट्री व इंट्रीग्रेटिड़ कंपनी के एमडी संजय आहुजा ने बताया कि वे मारकंडा नदी के बहाव को बदलने के लिए सॉइल कंर्जवेशन विभाग द्वारा करीब पांच लाख रूपए का एस्टीमेट तैयार किया है, जिसको सेंशन के लिए जिला उपायुक्त सिरमौर के पास भेजा है। यदि जिला प्रशासन चाहे तो बांकावाड़ा की ये समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वे इस बारे डीसी सिरमौर को पांच लाख की मदद के लिए ज्ञापन भी सांैप चुके है। अब बांकावाड़ा की इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए उद्योगपतियों की निगाहे जिला प्रशासन के साकारत्मक रवैये पर टिकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जिला प्रशासन उनकी इस समस्या को गंभीरता से लेेगा।

     इस बारे में जिला उपायुक्त बीसी बडालिया ने बताया कि इस बारे में जिला उद्योग विभाग को निर्देश दिए गए है। इस राशि को उद्योग विभाग द्वारा ही उपलबध करवाया जाएगा।

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