आजादी के लिए रणबांकुरों ने दी प्राणों की आहुतियां, सूबे के चार शूरवीरों को मिल चुका परमवीर चक्र

न्यूजघाट टीम। हमीरपुर
आज पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। देश की स्वतंत्रता में सूबे के रणबांकुरों ने भी अदम्य साहस का परिचय दिया है। देश की रक्षा के लिए हजारों सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुतियां दी हैं। बाकायदा शूरवीरों के अदम्य साहस और बलिदान के लिए इन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। सूबे के चार शूरवीरों को अब तक परमवीर चक्र से सम्मानित किया जा चुका है।


      हालांकि अधिकांश स्थितियों में परमवीर चक्र का सम्मान मरणोपरांत दिया गया है, लेकिन बहुत ही कम ऐसे अवसर आए हैं, जिनमें यह सम्मान जीवित रहते हुए किसी नायक ने ग्रहण किया है। मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर सोमनाथ शर्मा पहले नायक हैं। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हुआ उन्हें मलाया के पास के जंग में भेजा गया। 3 नवंबर 1947 मेजर सोमनाथ शर्मा की टुकड़ी को कश्मीर घाटी के बडगाम मोर्चे पर जाने का आदेश मिला। जब दुश्मन के 500 सैनिकों ने तीन तरफ से भारतीय सेना को घेरकर हमला शुरू कर दिया, तब मेजर शर्मा ने दुश्मन बहादुरी से मुकाबला किया। लेकिन दुर्भाग्य से वे दुश्मन के एक मोर्टार का निशाना बन गए।

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     इसके बाद जिला शिमला के धनसिंह थापा को परमवीर चक्र मिला। 1962 की लड़ाई में में चीनी सेना ने उन्हें बंदी बना लिया। लंबे समय तक यातना मिलने के बावजूद उनकी देशभक्ति कायम रही। दुश्मन से छुटकारा पाकर भारत लौटे और सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत हुए। इन्हें जीवित रहते हुए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। जुलाई 1999 में हुए कारगिल युद्ध में पालमपुर के कैप्टन विक्रम बत्रा अपने साथी को बचाते हुए गोली का शिकार हुए। उनके अदम्य साहस और बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

     वहीं बिलासपुर के राइफलमैन संजय कुमार 4 जुलाई 1999 को हमले के दौरान दुश्मनों का डटकर सामना किया, जिससे वे भाग खड़े हुए। युद्ध के बाद इन्हें भी परमवीर चक्र (जीवित) से सम्मानित किया गया। कारगिल युद्ध में सूबे के 54 जवानों ने अपने प्राणों की आहुतिां दी हैं।

क्या कहते हैं सैनिक कल्याण विभाग के उपनिदेशक?
इस मामले में सैनिक कल्याण विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक कर्नल एएस गुलेरिया ने बताया कि हिमाचल के चार नायकों को परमवीर चक्र का सम्मान मिला है। इनमें दो को मरणोपरांत और दो को जीवित परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया है।


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