सखौली उपस्वास्थय केंद्र में स्टाफ का टोटा

उपस्वास्थय केंद्र में स्टाफ का टोटा
ग्रामीणों में पनप रहा रोष

पांवटा साहिब। गिरिपार क्षेत्र की दुर्गम पंचायत के सखौली उपस्वास्थ्य केन्द्र में पिछले छ: महीने से नियमित रूप से फार्मासिस्ट ना होने के कारण उपस्वास्थ्य केन्द्र में ताला लटका हुआ है। जिस कारण क्षेत्र के लोगों को बडी परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। सखौली पंचायत के प्रधान सुरेन्द्र पुडीर, रणजीत सिंह, सोहन सिंह, पूर्व प्रधान हुक्मी राम, जगत सिंह आदि ने बताया कि सखौली उपस्वास्थ्य केन्द्र में तैनात फार्मासिस्ट का छ: महीने पहले कई अन्य स्थान पर तबादला हुआ है। उसके बाद से सखौली स्वास्थ्य केन्द्र में फार्मासिस्ट का पद खाली है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केन्द्र में फार्मासिस्ट ना होने के कारण उपस्वास्थ्य केन्द्र अकसर बंद रहता है। जिस कारण सखौली पंचायत के एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों को मामुली-सी बिमारी के उपचार करवाने के लिए भी लगभग 20 किमी दूर सतौन आना पड़ता है। उन्होंने बताया कि यही नही पंचायत के गर्वभती महिलाओं को लगने वाले टीको को लगाने के लिए भी सतौन आना पडता है। जिस कारण अधिक सफर करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी नुकसान हो रहा है। इसके साथ -साथ पीडि़त रोगीयों को परेशनी का सामना उठाना पडता है। समय से उपचार भी नही हो पता है। ग्रामीणों का कहना है कि उपस्वास्थ्य केन्द्र में खाली पड़े पदों के बारे में कई बार ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित कर प्रदेश सरकार व संबधित विभाग को भेजे जा चुके है। लेकिन अभी तक भी इस और कोई ध्यान नही दिया गया है। जिस कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रदेश सरकार व स बधित विभाग के प्रति खासा रोष है। उधर इस बारे में स्वास्थ्य विभाग नाहन के जिला चिकित्सा अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि सखौली उपस्वास्थ्य केन्द्र में टीकाकरण के लिए महीने में दो बार सतौन से फार्मासिस्ट को भेजा जाता है। उपस्वास्थ्य केन्द्र में खाली पडे पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से भेजा गया है।

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