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सैकड़ों सालों की परंपरा इस वर्ष भी रही कायम, भंगाणी साहिब से निकला फतेह मार्च

सैकड़ों लोगों ने लिया हिस्सा, पहुंचे श्री पांवटा साहिब गुरुद्वारा

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न्यूज़ घाट / पांवटा साहिब

गिरीपार क्षेत्र के भगाणी साहिब गुरूद्वारा से पांवटा साहिब के लिए फ़तेह मार्च निकाला गया। देर शाम यह फ़तेह मार्च गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचा । इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रधालुओं ने फ़तेह मार्च में भाग लिया।

गुरु गोविन्द सिंह द्वारा प्रथम धर्म युद्ध की जीत व् उनके बड़े पुत्र बाबा अजीत सिंह की याद में भगाणी साहिब से गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब के लिए फ़तेह मार्च निकाला गया। इस मौके पर हजारों की संख्या में संगतों ने इस आयोजन में भाग लिया।

पहले धर्म युद्ध की जीत से जुड़ा फ़तेह मार्च का इतिहास

सिखों के दशम गुरु गुरु गोविन्द सिंह ने अपने जीवन का पहला धर्म युद्ध भगानी साहिब में लड़ा। तत्कालीन महाराजा सिरमौर मधनि प्रकाश के आग्रह पर गुरु गोविन्द सिंह आनंदपुर साहिब से होते हुए श्री पांवटा साहिब पहुंचे। जहाँ उन्होंने गढवाली ( 22 धारों के ) राजा के साथ युद्ध लड़ा। 13 दिनों तक चले इस युद्ध में गुरुगोविंद सिंह ने फ़तेह हासिल की , इस दौरान गुरु गोविन्द जी को सूचना मिली की उनके पास पुत्र रतन की प्राप्ति हुई है। उस समय जीत के जश्न व् पहले पुत्र के जन्म को लेकर एक विशाल फ़तेह मार्च पांवटा साहिब के लिए निकाला गया।
आज भी इस परंपरा को सिख समुदाय ने जीवित रखा है और हर वर्ष इसी उपलक्ष पर भंगाणी साहिब से गुरुद्वारा पांवटा साहिब के लिए निकल फतेह मार्च निकाला जाता है। रविवार सुबह भगाणी साहिब से फ़तेह मार्च निकाला गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए शिवपुर में लंगर का आयोजन किया गया था। सैंकड़ो संगतों ने इस आयोजन में बढ़ चढ़ कर भाग लिया।

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