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पांवटा में डेंगू का प्रकोप, 25 मामले सामने आए, कई बच्चे और परिवार भी चपेट

डेंगू के उपचार के लिए लोगों में होम्योपैथी पर विश्वास बढ़ा - डॉ रोहताश नागिया

न्यूज़घाट टीम। पांवटा साहिब

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पांवटा साहिब में अक्टूबर माह में डेंगू के 25 से अधिक पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। पांवटा साहिब के कई परिवार भी इसकी चपेट में आए हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश में डेंगू को लेकर पिछले कई माह से तैयारी की जा रही थी। लेकिन अब देखने को मिल रहा है कि वह सभी की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गई।

केवल पांवटा साहिब में अक्टूबर महा में 25 से अधिक डेंगू के पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। इनमें से 14 से 15 मरीजों का इलाज वाई प्वाइंट पर स्थित  lifeline clinic में किया जा रहा है।

इसके अलावा दो पेशेंट पीजीआई चंडीगढ़ व तीन पेशेंट देहरादून अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं।

उधर सूत्रों से पता चला है कि शहर में कई परिवार के सभी सदस्य डेंगू की चपेट में है और देहरादून चंडीगढ़ और अन्य हायर सेंटर में अपना इलाज करवा रहे हैं ।

वहीं शिलाई क्षेत्र से भी दो डेंगू के दो मामले सामने आए हैं जिन का इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में किया जा रहा है।

होम्योपैथिक में डेंगू का इलाज संभव

इस बारे में डॉ रोहताश नागिया ने बताया कि उनके पास अक्टूबर माह में 15 के करीब डेंगू से पीड़ित पेशेंट आए हैं। जिनका सफलतापूर्वक इलाज किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि डेंगू से घबराने की आवश्यकता नहीं है बल्कि समय पर सही इलाज करवाएं। उन्होंने बताया कि डेंगू का इलाज होम्योपैथिक मैं सफलतापूर्वक संभव है।

वह पिछले वर्ष डेढ़ सौ से अधिक लोगों को सफल इलाज कर चुके हैं । इस बार भी 15 के करीब लोगों का इलाज वह कर रहे हैं और तेजी से उनकी स्थिति में सुधार भी हो रहा है।

क्या सिविल अस्पताल में नहीं हो पा रहा डेंगू का इलाज

वहीं सामने आ रहा है कि पावटा सिविल अस्पताल में डेंगू से पीड़ित लोगों का इलाज नहीं हो पा रहा है बल्कि उन्हें नाहन या हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।

इसके कारण भी लोगों में काफी तनाव है वहीं विशेषज्ञों की मानें तो डेंगू में कई बार खून चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है यह सुविधा पांवटा सिविल अस्पताल में नहीं है ऐसे में उन्हें नाहन- देहरादून या चंडीगढ़ अपना इलाज करवाना पड़ रहा है।

प्लेटलेट्स कम होना नहीं है डेंगू – डॉ संजीव सहगल

वह इस बारे में सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर संजीव सहगल ने बताया कि पिछले 3 माह में डेंगू की जांच के लिए सात सौ के करीब पेशेंट पहुंचे हैं।

हालांकि इन सभी के प्लेटलेट्स कम है जो की वायरल की वजह से भी हो सकते है।

लेकिन इनमें चार मामले डेंगू से पीड़ितों के सामने आए हैं जिन्हें नाहन मैंडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

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