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बद्दी : वर्धमान मिल बद्दी में तीन दिवसीय शिव कथा का शुभारंभ

पूर्ण सतगुरू की कृपा से ही ईश्वर के नर रूप को समझा जा सकता है

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न्यूज़घाट टीम। बद्दी

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा ओरो कालोनी, वर्धमान मिल, बद्दी में तीन दिवसीय शिव कथा का आयोजन किया गया।

प्रथम दिवस में संस्थान के संस्थापक एवं संचालक आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी प्रियंका भारती ने सती प्रसंग का सुमधुर भजनों एवं चौपाइयों के साथ व्याख्यान किया।

साध्वी ने कहा कि भगवान शिव अपनी अर्धांगिनी सती को संग लेकर अगस्त मुनी जी के आश्रम में श्री राम कथा को श्रवण करने जाते है परन्तु अहं भाव के कारण सती श्रद्धा से कथा को श्रवण नहीं करती। जिस कारण जब प्रभु राम को साधारण नर लीला करते हुए देखा तो भ्रमित हो गई। मन में संशय उत्पन्न हो गया कि वह ब्रह्म जो सर्वव्यापक, ईच्छा रहित, माया रहित और अगोचर है, शरीर धारण कर भगवान कैसे हो सकता है ?

महादेव जी के कहने पर प्रभु राम की परीक्षा लेने गई, तो असफल हो गई। भगवान शिव स्वंय अपने मुख से बताते हैं कि ईश्वर तर्क-वितर्क, मन, वाणी, बुद्धि से अति परे है। तर्क बुद्धि से दिया जाता है और जिसकी जितनी बुद्धि तीव्र होगी, वह उतना अच्छा तर्क दे सकता है। रावण जो चार वेदो का ज्ञाता था, ने भी अपनी बुद्धि का प्रयोग किया, धोखा खा गया।

पूर्ण सतगुरू द्वारा दिव्य दृष्टि उद्घाटित होने के पश्चात ही ईश्वर के नर रूप को समझा जा सकता है। अत: एक तत्ववेता सतगुरू की कृपा से ब्रह्मज्ञान प्राप्त करना चाहिए।

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