सिरमौर में यहां 20 करोड़ से पर्यटन को लंगे नए पंख, जानिये क्या है इस क्षेत्र में खास

पर्यटन में अपार संभावनाएं समेटे है ये खूबसूरत क्षेत्र

पवन तोमर। राजगढ़
राजगढ़ क्षेत्र पर्यटन की अपार संभावनाएं समेटे हुए हैं परन्तु अभी तक यहां के अनछुए स्थलों का दोहन नहीं हो पाया है, यह बात क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी विवेक चौहान ने एक विशेष भेंट के दौरान कही। वे यहां पर राजगढ़ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई रूप रेखा को अंतिम रूप देने के लिए रखी गई एक बैठक में भाग लेने के लिए पधारे हुए थे। यह बैठक एसडीएम राजगढ़ नरेश वर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिसमें वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारीगण एवं क्षेत्र के संबंधित ग्रामीण शामिल हुए।

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इस बैठक में विवेक चौहान ने प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा की तथा पर्यटन संबंधी हर बिंदु पर चर्चा की। इस प्रस्तावित सूची में राजगढ़ क्षेत्र के खास खास क्षेत्रों को चुना गया है ताकि उनको पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सके। इस सूची में सबसे पहले सेर-जगास के पेराग्लाईडिंग स्थल को विकसित करने बारे चर्चा की गई जिसमें एप्रोच सड़क, एडवेंचर हट, कैफेटेरिया, शौचालय, चैंजिंग रूम, लैंड स्कैपिंग, सीटिंग स्थल, व्यि पोंएंट्स एवं गजेबो निर्मित किए जाने प्रस्तावित हैं जिस पर लगभग दो करोड़ खर्च होने की संभावना है। उसके बाद गिरी नदी के तट पर बसा करगाणू क्षेत्र, वाटर पार्क के तौर पर विकसित किया जाना प्रस्तावित है।

इस योजना में चैक डैम, लेक वाटर स्पोर्ट्स, कैफेटेरिया, हट्स, लैंड स्कैपिंग, एवं पार्क शामिल हैं जिस पर भी दो करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव है। सूची में तीसरे स्थान पर राजगढ़ शहर के सौंदर्यीकरण पर चर्चा की गई जिसमें सड़क के बाहर पैदल चलने वालों के लिए रास्ते बनाना, नालियों की निकासी, शौचालय निर्माण, निर्देशक पट्टिकाएं, एवं सीटिंग प्लेस बनाने का प्रस्ताव है। इस योजना पर लगभग 50 लाख खर्च किया जाना प्रस्तावित है। तदोपरांत राजगढ़ क्षेत्र का हिल स्टेशन हाब्बन तथा वहां तक जाने वाली सड़क को पर्यटकों के आकार्षण का कैंद्र बनाने पर विचार विमर्श किया गया।

इस प्रस्ताव में सड़क के किनारे गजेबो अथवा विश्राम स्थल बनाने की योजना है तथा राजगढ़ से लगभग 20 किमी दूर शिरगुल मंदिर एवं उससे संबंधित स्थलों का सौंदर्यीकरण, मंदिर का जीर्णोद्धार तथा संग्रहालय खोलने पर चर्चा की गई जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों से संबंधित चित्र, लेख-आलेख, वस्तुएं इत्यादि, शिरगुल देवता संबंधित सामग्री, पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं का मिला जुला संग्रह होगा। हाब्बन में भी वे सभी निर्माण किए जाएंगें जो किसी स्थान में पर्यटकों को सुख सुविधा दे सकें। इसके अलावा हाब्बन में टैंट सुविधा भी प्रदन की जाएगी। यहां से बथाउधार के लिए ट्रेकिंग रूट विकसित किया जाएगा। बथाउधार में भी टैंटिग सुविधा उलब्ध होगी। अगली चर्चा नोहराधार से चूड़धार ट्रेक पर हुई जिसमें जिस पर 2 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार हरिपुरधार के सौदर्यीकरण पर भ्ी विचार सांझा किए गए।

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अंत में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने बताया कि कुल मिला कर लगभग 20 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव है जिसे जल्दी ही सरकार को भेज दिया जाएगा। इस बैठक में अध्यक्ष एसडीएम नरेश वर्मा के अलावा क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी विवेक चौहान, पर्यटन अधिकारी संजय मिश्रा, एसीएफ श्रेष्ठानंद, एसडीओ बंसल, राजस्व विभाग से कानूनगोह रणवीर ठाकुर एवं रणजीत ठाकुर, जयप्रकाश चौहान, वेद प्रकाश ठाकुर, रत्नसिंह ठाकुर, मनजीतसिंह ठाकुर एवं शेरजंग चौहान उपस्थित थे।

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