अनचाहे बच्चों के लिए पांवटा साहिब अस्पताल का कमरा नं. 2011 बना ‘‘पालना’’

पांवटा साहिब सिविल अस्पताल के 211 नम्बर बना शिशु पालना केन्द्र  

न्यूज़घाट टीम। पांवटा साहिब

अब नवजात शिशुओं को डस्टबिन या झाड़ियों में फैंकने को रोकने के लिए बेहतरीन पहल सिविल अस्पताल व जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा सामने आया है । अस्पताल में संयुक्त रूप से “शिशु पालना केन्द्र” खोला गया है। जहां ऐसे नवजात शिशुओं को छोड़ा जा सकता है जिन्हें अक्सर मां-बाप स्वीकार न कर डस्टबिन-झाड़ियो में फैंक देते हैं ।

पांवटा साहिब के सिविल अस्पताल के कमरा नम्बर 211 अब ऐसे नवजात शिशु के लिए खोला गया है जिन्हें किसी भी कारण से उनका मां-बाप रखना नही चाहते । इसके लिए सिविल अस्पताल के कमरा नम्बर 211 में एक पालना भी रखा गया है साथ ही यह कमरा हमेशा खुला रहेगा।

नवजात शिशु की सुरक्षा प्रयास

पांवटा साहिब में पहले भी ऐसे दुखद मामले सामने आए हैं जिसमें  नवजात शिशु डस्टबिन और झाड़ियो में मृत हालत में मिले हैं । ऐसे आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आए हैं । ऐसे में यह नवजात बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहतरीन प्रयास है ।

क्या बोले एसएमओ डाक्टर संजीव सहगल

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इस बारे में सिविल अस्पताल के एसएमओ डाक्टर संजीव सहगल  ने बताया की “शिशु पालना केन्द्र” के इन्चार्ज  डाक्टर अमिताभ जैन है । उन्होंने बताया की अक्सर मां-बाप नवजात बच्चों को डस्टबिन या झाड़ियो में फैंक कर चले जाते हैं ऐसे में कई बार नवजात शिशुओं को जानवर नोच डालते हैं दुखद घटनाओं को रोकने के लिए शिशु पालना केन्द्र की स्थापना की गई है ।

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