इस SC बस्ती की पेयजल समस्या की जांच करेंगे SDM, DC Sirmour के निर्देश

नुसूचित जाति के 32 पीड़ित व्यक्तियों को राहत के रूप में दी 21 लाख की राशि

न्यूजघाट टीम। नाहन
उपायुक्त सिरमौर ललित जैन ने एसडीएम राजगढ़ को निर्देश दिए है कि पझौता घाटी की ग्राम पंचायत शाया सनौरा के गांव मानवा की हरिजन बस्ती पोंडला जुब्बड़घाटी में रहने वाले अनुसूचित जाति के परिवारों को स्थानीय विवाद के चलते पेश आ रही पेयजल समस्या बारे मौके पर आईपीएच के अधिकारियों के साथ जाकर जांच करें और इस मुददे का समयबद्ध निपटारा किया जाए ताकि इस बस्ती में रहने वाले अनुसूचित जाति परिवारों को पेयजल उपलब्ध हो सके । उपायुक्त आज यहां अनुसूचित जाति एंव जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एंव प्रबोधन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

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उन्होने ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एंव जनजाति से संबधित मामलों की सही रूप से छानबीन करके कानून की उचित धाराऐं लगाई जाए ताकि अनुसूचित जाति एंव जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत उन्हें राहत राािश भी प्रदान की जा सके । उन्होने कहा कि कुछ मामलों में वर्णमालानुसार कानून की धाराऐं न लगने के कारण संबधित पीड़ित व्यक्ति को राहत राशि नहीं मिल पाई है । उन्होने जिला न्यायवादी को निर्देश दिए कि गत तीन वर्षों से न्यायालयों में अनुसूचित जाति एंव जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत लंबित पड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई करवा कर निपटाए जाए ताकि पीड़ित व्यक्ति को समय पर न्याय मिल सके । उपायुक्त ने जानकारी दी कि वर्ष 2015 से लेकर मई, 2018 तक इस अधिनियम के तहत 49 मामले दर्ज हुए , जिनमें से 26 मामलेे न्यायालय में लम्बित पड़े है जबकि 11 मामले सबूत के अभाव में खारिज हुए और एक मामले में आरोपी न्यायालयों से बरी हुए।

इसके अतिरिक्त 4 मामलों में सबूत के अभाव में पुलिस द्वारा एससी एवं एसटी धारा हटाई गई और 6 मामले पुलिस के पास जांच के लिए लंबित पड़े है। उन्होने बताया कि गत तीन वर्षों के दौरान 32 पीड़ित व्यक्तियों को 21 लाख की राशि राहत के रूप में उपलब्ध करवाई गई। उपायुक्त ने कहा कि समाज में फैली छुआछूत, बाल विवाह, जात-पात इत्यादि बुराईयों के उन्मूलन के लिए जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा । उन्होने समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि यदि किसी अनुसूचित जाति अथवा निर्धन व्यक्ति के साथ कोई अत्याचार का मामला ध्यान में आता है तो इसकी सूचना प्रशासन, पुलिस अथवा कल्याण विभाग को दी जाए ताकि पीड़ित व्यक्ति की समय पर सहायता की जा सके ।

जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा ने समिति के सभी सरकारी और गैर सरकारी सदस्यों का स्वागत करते हुए अनुसूचित जाति एंव जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबधित दर्ज मामलो की वर्तमान स्थिति के बारे उपायुक्त को अवगत करवाया। बैठक में पुलिस उप अधीक्षक बबीता राणा, सहायक जिला न्यायवादी, गैर सरकारी सदस्यों में दीनदयाल वर्मा, राकेश गर्ग, संदीप कुमार शाया सनौरा सहित समिति के अन्य गैर सरकारी सदस्यो ने भाग लिया।

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