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पांवटा साहिब : कड़कती ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे लाचार

हाल ही अस्पताल परिसर में ठंड से हुई है एक लाचार की मौत, प्रशासन की नहीं खुली नीं

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न्यूज़घाट/पांवटा साहिब

विकासखंड पांवटा साहिब में लाचार लावारिस कड़कती ठंड में खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं।

बता दें कि बीते सप्ताह ही कड़कती ठंड के कारण खुले आसमान में रात गुजार रहे एक लावारिस की अस्पताल के परिसर में मौत हो गई थी। लेकिन इससे प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। इसके बावजूद अभी भी पांवटा साहिब के अस्पताल परिसर के समक्ष वह बद्रीपुर चौक पर लावारिस लाचार कड़कती ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं।

यहां माजरा में भटक रहे एक लाचार के बारे में एक निजी कंपनी के कर्मचारी पवन कुमार ने माजरा पुलिस चौकी में सूचित किया था। लेकिन यह लाचार माजरा क्षेत्र के बाद अब अस्पताल परिसर के आसपास भटकता नजर आ रहा है।

पवन ने न्यूज़घाट को बताया कि जब की हाल ही में एक लाचार युवक की ठंड से मौत हुई है। ऐसे में अभी तक इस लाचार को आसरा नहीं मिला है।

मौत के बाद भी नहीं खुली प्रशासन की नींद….

जहां एक और सरकार गरीब और लाचारओं के समस्याओं के समाधान के लिए जनमंच जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। वहीं सड़कों पर भी सड़कों पर दिन रात बिता रहे इन लावारिस लाशों के लिए शासन व प्रशासन पूरी तरह और असंवेदनशील है। बीते सप्ताह ठंड से एक मौत हो जाने के बावजूद भी इस बारे में अभी
प्रशासन की नींद नहीं खुली है।

कौन फरिश्ता बन कर देगा आश्रय…

बेशक पांवटा साहिब में दर्जनों सामाजिक सामाजिक संस्थाएं सक्रिय हैं। जो अपने अपने तौर पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। लेकिन खुले आसमान के लिए जीने की मजबूर लावारिस लाचारों को आश्रय के लिए शहर के लोग सामाजिक संस्थाओं और समाजसेवी को उम्मीद भरी नजर से देख रहे हैं।

क्या कहते हैं एसडीएम पांवटा साहिब…..

इस बारे में जब एसडीएम पांवटा साहिब एलआर वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रशासन के पास ऐसा कोई फंड या एक्ट नहीं है। जिसके माध्यम से इन लावारिस लाचारों की मदद की जा सके। एसडीएम ने कहा कि इसके लिए एनजीओ को आगे आना चाहिए। गर्म कपड़े व अन्य साधन इन लाचाओं तक पहुंचाना चाहिए।

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